प्रदूषण कम करने की दिशा में रेलवे का क्रांतिकारी कदम:सोनीपत से जींद 89 किलोमीटर की ट्रैक पर फर्राटा भरेगी ‘हाइड्रोजन फ्यूल’ ट्रेन

नई दिल्ली3 महीने पहले
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रेल परिचालन के दौरान होने वाले प्रदूषण कम करने की दिशा में भारतीय रेलवे का क्रांतिकारी कदम उठाते हुए ‘हाइड्रोजन फ्यूल’ से चलने वाली हाईब्रीड ट्रेन को आईसी एफ ने तैयार कर लिया है। ‘हाइड्रोजन फ्यूल’ से चलने वाली चार कोचों वाली इस ट्रेन को नई दिल्ली स्टेशन पर रेल मंत्रालय और नर्दन रेलवे के अधिकारियों को सामने ट्रायल किया गया है।

उत्तर रेलवे के मुख्य प्रवक्ता दीपक कुमार ने बताया कि उत्तर रेलवे पेरिस वातावरण समझौता 2015 के अंतर्गत ग्रीन हाउस गैरेज को कम करने के लक्ष्य की प्राप्ति की चुनौती को स्वीकार किया है। पेरिस समझौता को ध्यान में रखकर ट्रेन परिचालन के दौरान ट्रेनों से उत्पन्न होने वाले प्रदूषणों को कम करने के लिए के जीरो कार्बन उत्सर्जन मिशन के अंतर्गत उत्तर रेलवे का लक्ष्य है कि हम 2030 तक जीरो कार्बन उत्सर्जन से चलने वाली ट्रेनों का परिचालन करेंगे।

‘हाइड्रोजन फ्यूल’ट्रेन चलाने के लिए टेंडर किया जारी
भारतीय रेल प्रदूषण को कम करने के दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भारत की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित ट्रेन के लिए टेंडर जारी कर दी है पर हाइड्रोजन ट्रेन चलाने का काम उत्तर रेलवे प्राइवेट कंपनियों को देगी। सोनीपत से जिंद 89किलोमीटर की ट्रैक पर हाइड्रोजन फ्यूल प्रदूषण रहित ट्रेन फर्राटा भरेगी। भारतीय रेल वैकल्पिक ईंधन संगठन (आईआरओएएफ), भारतीय रेल के हरित ईंधन प्रभाग ने उत्तर रेलवे के सोनीपत-जिंद सेक्शन पर हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित ट्रेन चलाने के लिए टेंडर जारी की हैं।

आईआरओएएफ इसके लिए 17अगस्त 2021 और 9सितंबर 2021 को टेंंडर से पहले बैठक निर्धारित की है। हाइड्रोजन ट्रेन चलाने के इच्छुक कंपनियां 21 सिंतबर से 2021 से टेंडर में भाग ले सकती है। टेंडर खुलने की तिथि 05 अक्टूबर 2021 निर्धारित की गई है।

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