• Hindi News
  • Local
  • Delhi ncr
  • Even after pilot training, I did not get a job, so Soumya of Kanpur built a business by selling a borrowed dress

शून्य से शिखर तक / पायलट ट्रेनिंग के बाद भी नौकरी नहीं मिली तो कानपुर की सौम्या ने उधार की ड्रेस बेचकर खड़ा किया बिजनेस

सौम्या कहती हैं कि कोरोना के कारण ड्रेस की बिक्री घटी तो उन्होंने मास्क का एक्सपोर्ट शुरू कर दिया है। सौम्या कहती हैं कि कोरोना के कारण ड्रेस की बिक्री घटी तो उन्होंने मास्क का एक्सपोर्ट शुरू कर दिया है।
X
सौम्या कहती हैं कि कोरोना के कारण ड्रेस की बिक्री घटी तो उन्होंने मास्क का एक्सपोर्ट शुरू कर दिया है।सौम्या कहती हैं कि कोरोना के कारण ड्रेस की बिक्री घटी तो उन्होंने मास्क का एक्सपोर्ट शुरू कर दिया है।

  • सौम्या गुप्ता 65 लाख रुपए खर्च कर पायलट बनीं, तभी मंदी आ गई, अब रोज 10 हजार ड्रेस बेचती हैं
  • आज उनकी कंपनी में 35 कर्मचारी काम करते हैं, कभी 5000 रु. में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी की थी

रितेश शुक्ला

Jun 01, 2020, 12:22 PM IST

नई दिल्ली. 2007 की आर्थिक मंदी में कानपुर की सौम्या गुप्ता के भी सपने टूटे थे। तब 19 साल की सौम्या ने 65 लाख रुपए खर्च कर अमेरिका में पायलट की ट्रेनिंग पूरी की थी। लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी नौकरी नहीं मिली। इसलिए जिम रिसेप्शनिस्ट से लेकर कॉल सेंटर तक में काम किया। फिर उधार लेकर कपड़ों का अपना बिजनेस शुरू किया। आज उनकी कंपनी में 35 कर्मचारी काम करते हैं और उनके डिजाइन किए करीब दस हजार कपड़े रोज बिकते हैं।

सौम्या कहती हैं कि 2006 में मेरा करिअर शुरू होने से पहले ही खत्म हो गया। ट्रेनिंग के बाद नौकरी मिलना तय था। पर अचानक पूरी इंडस्ट्री अनिश्चितताओं के घेरे में आ गई। इसका कारण था अमेरिका का सब-प्राइम मोर्गेज डिफाल्ट, जिसके कारण लेहमन ब्रदर्स जैसे बड़े बैंक और अमेरिकन इंश्योरेंस ग्रुप दिवालिया हो गई थीं।

वे बताती हैं कि 2008 का पूरा साल मैंने नौकरी की तलाश में बिता दिया। आखिर मैंने 5000 रुपए महीने की नौकरी जिम में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर शुरू की। कुछ दिनों बाद ही एक कॉल सेंटर ज्वाइन कर लिया। रात में यहां काम करती और दिन में दूसरी नौकरी की तलाश।

इस बीच एक मेरी मुलाकात राबर्टो कवाली और गॉटियर जैसे ब्रांड के कपड़ों का एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट का काम करने वाली एक महिला से हुई। मैंने उनसे 20 ड्रेसें उधार लीं और घर में दोस्तों के लिए इन कपड़ों की सेल लगाई। एक घंटे में 100% मुनाफा कमाया।

ये 2009 की बात है। मैंने कॉल सेंटर की नौकरी छोड़ दी और कपड़ों के बिजनेस में आ गई। स्नैपडील, फ्लिपकार्ट और दूसरे छोटे-बड़े ऑनलाइन प्लेटफार्म पर कपड़े बेचने की जद्दोजहद शुरू कर दी। आज मेरी कंपनी 10 ऑन 10 हर रोज 10 हजार ड्रेस बेचती है। कंपनी का काम अभी अमेरिका से चल रहा है और कनाडा और यूरोप में बिजनेस शुरू किया है। 

अब मास्क का एक्सपोर्ट

सौम्या बताती हैं कि कोरोनावायरस के आने पर उन्हें लगा जैसे वो 2007 में पहुंच गई हों। फर्क सिर्फ इतना था कि आज कमाई नौ अंकों में होती है। ड्रेस की बिक्री घटी तो मास्क का एक्सपोर्ट शुरू किया है।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना