पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Delhi ncr
  • In April, When The Entire Country Was Closed By Lockdown, 32 Hundred New Companies Were Registered; Their Total Authorized Capital Is 1,429.75 Crores

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

भास्कर एक्सक्लूसिव:अप्रैल में जब पूरा देश लॉकडाउन से बंद था, तब भी रजिस्टर हुईं 32 सौ नई कंपनियां; इनकी कुल अधिकृत पूंजी 1,429.75 करोड़

नई दिल्ली6 महीने पहलेलेखक: स्कन्द विवेक धर
  • कॉपी लिंक
कॉरपोरेट मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में सबसे अधिक 591 (18.42%) कंपनियां महाराष्ट्र में रजिस्टर हुईं। -फाइल फोटो।
  • कंपनी मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों से खुलासा, अप्रैल में 591 (18.42%) कंपनियां महाराष्ट्र में रजिस्टर हुईं
  • दिल्ली में 368 (11.47%) और कर्नाटक में 350 (10.91%) कंपनियों का गठन हुआ

अप्रैल में जब देशभर में सबसे सख्त लॉकडाउन लागू था और लोग घरों से बाहर तक नहीं निकल रहे थे, उस दाैरान देश में 3,209 नई कंपनियां बनीं। इनकी कुल अधिकृत पूंजी 1,429.75 करोड़ रुपए है। हालांकि, यह संख्या मार्च और पिछले साल अप्रैल में बनी कंपनियाें से काफी कम है।

इससे एक महीने पहले यानी मार्च 2020 में 5,788 नई कंपनियां गठित हुईं, जबकि अप्रैल 2019 में 10,383 नई कंपनियां बनी थीं। कॉरपोरेट मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में सबसे अधिक 591 (18.42%) कंपनियां महाराष्ट्र में रजिस्टर हुईं। वहीं, दिल्ली में 368 (11.47%) और कर्नाटक में 350 (10.91%) कंपनियों का गठन हुआ। विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले 4-5 वर्ष से कंपनी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया डिजिटाइज हो चुकी है। 

  • 3209 कंपनियों का गठन अप्रैल 2020 में
  • 5,788 कंपनियां रजिस्टर हुईं मार्च 2020 में
  • 10,383 कंपनियां गठित हुईं थीं अप्रैल 2019 में

कंपनी के गठन की ये प्रक्रियाएं

  • मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन, आर्टिकिल ऑफ एसोसिएशन तैयार करना, निदेशकों के लिए डायरेक्टर आईडेंटिफिकेशन नंबर (डिन) लेना।
  • निदेशकों का डिजिटल सिग्नेचर।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- घर-परिवार से संबंधित कार्यों में व्यस्तता बनी रहेगी। तथा आप अपने बुद्धि चातुर्य द्वारा महत्वपूर्ण कार्यों को संपन्न करने में सक्षम भी रहेंगे। आध्यात्मिक तथा ज्ञानवर्धक साहित्य को पढ़ने में भी ...

और पढ़ें