डीएसजीएमसी चुनाव:सत्ता किसके हाथ यह को-ऑप्ट होने वाले सदस्यों के परिणाम के बाद तय होगा

नई दिल्ली2 महीने पहले
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डीएसजीएमसी चुनाव में संगतों ने बादल पर जताया भरोसा, पर सत्ता किसके हाथ यह 9 जुलाई को को-ऑप्ट होने वाले सदस्यों के परिणाम के बाद ही तय हाेगा। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी चुनाव खत्म बेशक हो गए हैं, लेकिन सिख राजनीति के गलियारों में सत्ता में कौन आएगा इसको लेकर लेकर चर्चाएं बेहद गर्म है। डीएसजीएमसी में को-ऑप्ट होने वाले 2 सदस्यों के लिए कुल 6 उम्मीदवारों ने नामांकन भरा है।

अफवाह है कि इस चुनाव में आखिरी मौके पर कुछ ऐसा हो सकता है जिसकी उम्मीद नहीं है।डीएसजीएमसी के इस चुनाव में किसी भी सदस्य को चुनने के लिए 16 वोट की ज़रूरत है। मौजूदा उम्मीदवारों की बात करें तो यहां चार प्रत्याशी शिरोमणि अकाली दल बादल खेमे से तो एक प्रत्याशी शिरोमणि अकाली दल दिल्ली का है जो अब तक सब ठीक था। पर जागो पार्टी ने भी अपना एक उम्मीदवार खड़ा कर यहां अफवाहों का बाजार गर्म कर दिया है। शिअद बादल खेमे के पास कुल 28 (27+1) सदस्य हैं तो वहीं सरना दल के पास 15(14+1) और जागो के पास 3 सदस्य हैं।

चुनाव के बाद जी के और सरना आ गए थे साथ
चुनाव परिणाम आने के साथ ही मनजीत सिंह जी के और सरना साथ आ गए थे। कयास लगाए जा रहे थे कि को-ऑप्टेड मेंबर के लिए जागो पार्टी सरना दल को समर्थन करेगी। हालांकि ऐन मौके पर जीके के सबसे भरोसेमंद माने जाने वाले परमिंदर पाल सिंह ने पर्चा भर दिया। यानि चुनाव में संभावित नतीजों से अलग नतीजे भी हो सकते हैं। चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग की संभावना भी लगातार बानी हुई है। चर्चा है कि संगतों के नकारे जाने के बाद भी मनजीत सिंह जी के का किंगमेकर बनना तय है।

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