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ड्रीम बजट:दोगुनी हो आयकर छूट की सीमा, अब सभी हों आयुष्मान, विशेषज्ञों से जानिए कैसे सुधर सकता है मार्केट सेंटीमेंट

नई दिल्ली3 महीने पहलेलेखक: धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया
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  • उम्मीदें 2021-22 : टैक्स का बोझ घटे तो खर्च के लिए मिले ज्यादा

आर्थिक समीक्षा देश की अर्थव्यवस्था की रिकवरी की बेहतर तस्वीर पेश करती है। इस बेहतर तस्वीर को सच करने के लिए जरूरी है कि आम बजट में सरकार कदम भी ऐसे ही उठाए। कोरोनाकाल में पहला बजट आखिर कैसा हो इस पर दैनिक भास्कर ने विशेषज्ञों से बात की।

भास्कर एक्सपर्ट पैनल का कहना है कि आगामी वित्त वर्ष में 11% की ग्रोथ रेट की जो उम्मीद आर्थिक सर्वेक्षण में जताई गई है उसे पाने के लिए न सिर्फ सरकार को कमाई बढ़ानी होगी बल्कि एक भयमुक्त माहौल भी बनाना होगा।

इंडस्ट्री चैंबर एसोचैम के सर्वे में भी सामने आया है कि सरकार की प्राथमिकता हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग, एमएसएमई, रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर रह सकती है। भास्कर विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों की सबसे बड़ी उम्मीद है कि आयकर छूट की सीमा बढ़ाई जाए ताकि खर्च करने के लिए ज्यादा पैसा लोगों के हाथ में आए। साथ ही आयुष्मान भारत योजना के दायरे में अब सभी को लाया जाए ताकि सेहत की चिंता से भी जनता को मुक्ति मिले। मगर ऐसी घोषणाओं के लिए जरूरी है कि सरकार अपनी कमाई भी बढ़ाए। जानिए कैसे अर्थव्यवस्था को उबारने के उपायों के साथ सरकार आय बढ़ा सकती है।

आयकर : छूट की सीमा 5 लाख हो, होम लोन पर ब्याज छूट सीमा भी बढ़े

अभी कर मुक्त सीमा जो 2.5 लाख रुपए की है वह बढ़कर पांच लाख रुपए होनी चाहिए। होमलोन पर ब्याज की छूट भी 3.5 लाख से बढ़कर पांच लाख रुपए होनी चाहिए। मेडिक्लेम सीमा 75 हजार से बढ़कर 1.5 लाख रुपए होनी चाहिए। साथ ही सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिसिन पर कर का बोझ घटाना चाहिए। एमएसएमई और कॉर्पोरेट कर को भी तर्क संगत बनाना चाहिए।

इंफ्रास्ट्रक्चर : अलग से बैंक की स्थापना हो, सरकार खुद निवेश बढ़ाए

उम्मीद है कि वित्त मंत्री रोड, हाईवे और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में विभागीय बजट आवंटन बड़ी मात्रा में बढ़ाएंगी। सरकार ने सौ लाख करोड़ रुपए से अधिक का इंफ्रास्ट्रक्चर फंड पांच वर्ष के लिए घोषित किया है। सरकार को आवंटन कम से कम 50% बढ़ाना चाहिए और सीधे इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में फंड लगाना चाहिए। एसोचैम ने अलग से इंफ्रास्ट्रक्चर बैंक की मांग भी की है।

स्वास्थ्य : आयुष्मान का दायरा बढ़े, गांव में अस्पताल खोलने पर इंसेंटिव

स्वास्थ्य पर अभी जीडीपी के एक फीसदी से भी कम खर्च हो रहा है जबकि यह कम से कम तीन फीसदी होना चाहिए। केंद्र सरकार का हेल्थ बजट 67,111.8 करोड़ रुपए है। इसे दोगुना होना चाहिए। गांव और छोटे शहरों में अस्पताल और स्वास्थ्य सुविधाएं ले जाने पर इंसेंटिव दिया जाना चाहिए। पीएम जेएवाय का दायरा बढ़ाकर इसमें सभी को शामिल करना चाहिए।

कृषि: पीएम किसान सम्मान निधि छह हजार से बढ़कर 18 हजार रुपए हो

मौजूदा समय में रूरल डिमांड बढ़ाने की आवश्यकता है। पीएम किसान सम्मान निधि जिसमें अभी छह हजार रुपए वार्षिक मिलता है उसमें कम से कम 18 हजार रुपए मिलना चाहिए। इसके लिए सरकार को 1.5 लाख करोड़ रुपए अतिरिक्त चाहिए। सितंबर में सरकार ने 1.5 लाख करोड़ रुपए कॉर्पोरेट्स के लिए सेस कंपन्सेशन दिया था तो इसे भी दिया जा सकता है।

कैसे आएगा पैसा : खर्च के लिए इंफ्रा बॉन्ड लाए सरकार, बेहतर जीडीपी ग्रोथ से बढ़ेगा टैक्स कलेक्शन, विनिवेश के लक्ष्य को पूरा करे तो बढ़े कमाई

जैसा कि आर्थिक सर्वे में भी कहा गया है कि सरकार को खर्च बढ़ाना होगा तभी जीडीपी ग्रोथ आएगी। सरकार बजटीय घाटे को बढ़ाकर 5.5 से 6% कर सकती है। वहीं दूसरी ओर जीडीपी में ग्रोथ रेट अच्छी रहेगी इसके कारण टैक्स कलेक्शन बेहतर होगा। सरकार इस बार विनिवेश से भी पैसा ला पाएगी क्योंकि बीते दो वर्षों में लक्ष्य पूरा नहीं हो सका हैै और सरकार की तैयारी इस दिशा में बेहतर हो गई है। इससे दो लाख करोड़ से अधिक रुपए आ सकते हैं। सरकार इंफ्रा बांड और रिटेल बॉन्ड जारी कर पैसा बाजार से आमंत्रित कर सकती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रोजेक्ट विशेष के लिए फंड की व्यवस्था की जा सकती है।

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