कोरोना की दूसरी लहर की वजह इंडियन स्ट्रेन:वायरस की जीनोम सिक्वेंसिंग में डबल म्यूटेंट की बात सामने आई; महाराष्ट्र में इस स्ट्रेन के 15-20% मामले

नई दिल्ली6 महीने पहलेलेखक: पवन कुमार
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महाराष्ट्र सहित देश में मरीजों की बढ़ती संख्या की बड़ी वजह इंडियन स्ट्रेन (B.1.617) तो नहीं! जिनोम सिक्वेसिंग की शुरुआती रिपोर्ट में ही महाराष्ट्र में इस स्ट्रेन के 15-20% मामले मिले हैं। जाने-माने वायरोलॉजिस्ट प्रो. शाहिद जमील ने बताया कि वायरस की जीनोम सिक्वेंसिंग में भारत में डबल म्यूटेंट की बात आई है। दो खास तरह के म्यूटेशन (L452R और E681R) से जो नया स्ट्रेन बना है उसे (B.1.617) कहा जा रहा है। देश से बाहर इसे इंडियन स्ट्रेन कहा जा रहा है।

डबल म्यूटेशन के ज्यादातर मामले भारत में
मार्च के आंकड़े बताते हैं कि डबल म्यूटेशन के ज्यादातर मामले भारत में दिखे थे। प्रो. जमील ने बताया, एक म्यूटेशन (L452R) भारत से पहले कैलिफोर्निया में दिखा, लेकिन दूसरा (E681R) भारत में जीनोम सिक्वेंसिंग में ही देखा गया है। प्रो.जमील का कहना है कि इंडियन स्ट्रेन (B.1.617) कितना संक्रामक और घातक है यह अभी नहीं कहा जा सकता है। इसके लिए और भी विस्तृत अध्ययन करने की जरूरत है।

आने वाला समय चुनौतीपूर्ण
उन्होंने कहा कि वर्तमान में महाराष्ट्र समेत देश में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है उसकी वजह यदि B.1.617 यही म्यूटेशन है तो आने वाले समय में मरीजों की संख्या में और तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। महाराष्ट्र के लोग सिर्फ महाराष्ट्र तक ही सीमित नहीं हैं।

विदेश में इसे इंडियन स्ट्रेन कह रहे
लोग एक जगह से दूसरी जगह आ-जा रहे हैं, लिहाजा वायरस भी अपना इलाका बढ़ा रहा है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के वैज्ञानिक डॉ. समीरन पांडा का भी कहना है कि भारत से बाहर डबल म्यूटेंट को ही इंडियन स्ट्रेन कहा जा रहा है।

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