सरकार घर-घर पानी पहुंचाने का काम प्राइवेट हाथों में सौंपेगी:जल बोर्ड ने बनाया दिल्ली के हर घर में चौबीसों घंटे पानी आपूर्ति का प्लान

नई दिल्लीएक महीने पहले
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देश की राजधानी दि‍ल्ली में लगातार हो रही पीने के पानी का संकट को दूर करने के लिए घर-घर वितरण का काम प्राइवेट हाथों को देने की तैयारी कर रही है, जिससे उसकी जिम्मेदारी तय किया जा सके। दिल्ली सरकार ने 2024 तक दिल्ली के हर घर में चौबीसों घंटे पानी आपूर्ति देने का प्लान तैयार करने की बात कही है। दिल्ली सरकार ने अपने महत्वाकांक्षी योजना के तहत राष्ट्रीय राजधानी को तीन मंडलों में विभाजित किया गया है।

दिल्ली सरकार एक अधिकारी के मुताबिक परियोजना क्षेत्र को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है, जिसमें पूर्व और उत्तरपूर्व मंडल, दक्षिण और दक्षिण पश्चिम मंडल और पश्चिम व उत्तर पश्चिम मंडल है।

दिल्ली में 42 प्रतिशत पानी चोरी या लीक हो जाता है
दिल्ली में जहां लाखों लोग गैरकानूनी बोरवेल और निजी टैंकरों पर आश्रित रहते हैं, वहीं, 42 प्रतिशत पानी चोरी या लीक हो जाता है। दिल्ली में औसतन प्रत्येक घर को हर दिन करीब चार घंटे पानी की आपूर्ति होती है। इसके अलावा दिल्ली जल बोर्ड हर दिन करीब 935 मिलियन गैलन पानी की आपूर्ति करता है, जबकि मांग 1,140 एमजीडी की है। अनुमान के मुताबिक दिल्ली के पास मार्च 2025 तक 1,305 एमजीडी पानी होगा।

जल वितरण के लिए हर जोन में ठेकेदार नियुक्त करेगी जल बोर्ड
इस परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजधानी की 77 प्रतिशत आबादी को पानी की आपूर्ति की जाएगी। जबकि मालवीय नगर, वसंत विहार और नांगलोई इलाकों में चौबीसों घंटे पानी की आपूर्ति के लिए तीन प्रायोगिक परियोजनाओं के तहत 12 प्रतिशत आबादी को पानी की आपूर्ति की जाती है। जलबोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि वजीराबाद और चंद्रावल जल शोधन संयंत्रों के कमांड इलाकों में चलायी जा रही चौबीसों घंटे पानी आपूर्ति परियोजनाओं के तहत करीब 11 प्रतिशत आबादी आएगी जबकि प्रत्येक जोन के लिए एक ठेकेदार नियुक्त किया जाएगा और उसे संबंधित इलाका सौंपने के पांच वर्षों के भीतर आवश्यक ढांचा निर्मित करने के लिए पुनर्वास और निर्माण कार्य पूरा करना होगा। इसके बाद ठेकेदार 15 वर्षों तक अपने इलाके में पानी आपूर्ति और सीवेज प्रणाली का प्रबंधन करेगा।

ठेकेदारों के चयन के लिए टेंडर जारी करने के लिए परामर्शक नियुक्त
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड ने ठेकेदारों के चयन के लिए निविदा दस्तावेज तैयार करने के वास्ते एक परामर्शक नियुक्त कर दिया है। दिल्ली जल बोर्ड जल शोधन संयंत्रों तथा सीवेज शोधन संयंत्रों और प्राथमिक भूमिगत जलाशयों के संचालन और रखरखाव के लिए जिम्मेदार होगा। पानी की चौबीसों घंटे आपूर्ति के क्रियान्वयन के साथ ही सरकार का लक्ष्य गैर राजस्व जल (एनआरडब्ल्यू) को चरणबद्ध तरीके से कम करके 15 प्रतिशत तक लाना है। एनआरडब्ल्यू का मतलब उपभोक्ता तक पहुंचने से पहले लीक या चोरी हुआ पानी है।

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