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  • Many States Agreed To Conduct An Objective Examination Of Only 4 Subjects On The OMR Sheet; The Datasheet May Arrive On June 1

ज्यादातर राज्य चाहते हैं CBSE परीक्षा:29 ने दूसरे विकल्प तो 3 ने पहले विकल्प का समर्थन किया; 6 राज्यों की मांग- परीक्षा से पहले बच्चों को वैक्सीन लगे

नई दिल्ली4 महीने पहलेलेखक: अनिरुद्ध शर्मा
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सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा में छात्रों से अपने ही स्कूल में ओएमआर शीट पर डेढ़-डेढ़ घंटे के केवल चार पेपर लिए जा सकते हैं। नई डेटशीट एक जून तक जारी हो सकती है। दरअसल, देश के 32 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों ने 12वीं की परीक्षा लेने पर सहमति जताई है। इनमें चार राज्यों दिल्ली, महाराष्ट्र, गोवा और अंडमान-निकोबार ने परीक्षाएं नहीं लेने की बात की है।

परीक्षा पर सहमत राज्यों में से भी 3 राज्यों राजस्थान, तेलंगाना व त्रिपुरा ने पहले विकल्प यानी परीक्षा केंद्रों पर ही पारंपरिक तरीके से 3 घंटे की लिखित परीक्षा का पक्ष लिया है। इन राज्यों ने कहा है कि अंत समय में अचानक फॉर्मेट बदलना उचित नहीं होगा।

डेढ़ घंटे की परीक्षा के पक्ष में 29 राज्य
29 राज्यों ने दूसरे विकल्प का समर्थन करते हुए कहा है कि परीक्षा केंद्र के बजाय छात्रों की अपने ही स्कूल में ओएमआर शीट वाले फॉर्मेट में डेढ़ घंटे के चार पेपर लिए जाएं। इनमें एक लैंग्वेज और तीन इलेक्टिव पेपर हों। हालांकि, सहमति देने वाले छह राज्यों-केरल, असम, पंजाब, झारखंड, सिक्किम व दमन-दीव ने कहा है कि परीक्षा लेने से पहले छात्रों को वैक्सीन दी जाए।

15 जुलाई से 26 अगस्त के बीच हो सकती है परीक्षा

परीक्षा के लिए दो टाइम स्लॉट प्रस्तावित किए गए हैं- 15 जुलाई से 1 अगस्त और 8 अगस्त से 26 अगस्त।

सीबीएसई को देखकर ही राज्य तय करेंगे अपना रुख

सीबीएसई की डेटशीट और परीक्षा का फॉर्मैट घोषित होने के बाद ही ज्यादातर राज्य स्टेट बोर्ड की परीक्षा का फॉर्मेट तय करेंगे। हालांकि, पहले ही केंद्र यह स्पष्ट कर चुका है कि राज्य अपनी परिस्थिति के मुताबिक निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। फिर भी राज्यों का प्रयास होगा कि सीबीएसई के पैटर्न को ही अपनाया जाए।

ऑब्जेक्टिव परीक्षा लेना फायदेमंद
ओएमआर शीट का फायदा देश के तमाम पेशेवर पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा में आंसरशीट के स्थान पर ओएमआर शीट इस्तेमाल की जाती है। इसमें छात्रों को अपने जवाब के विकल्प के गोले को पेन से रंगना होता है। इस फॉर्मैट में परीक्षा से फिजिकल टच को कम से कम किया जा सकता है। मूल्यांकन भी कंप्यूटर के जरिए होने से रिजल्ट जल्दी मिल सकता है।

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