21 राज्यों में कोरोना से कोई मौत नहीं:कोरोना के मोर्चे पर त्योहारों से पहले राहत की खबर; 6 महीने बाद एक दिन में 200 से कम मौतें, मरीज भी 7 माह बाद 15 हजार से नीचे

नई दिल्ली2 महीने पहले
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देश में त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले कोरोना के मोर्चे पर राहत की खबर है। कोरोना से रोज होने वाली मौतें 23 मार्च के बाद 200 से कम हुई है। रविवार को देश में 181 मौतें हुईं। इसी तरह रोज मिलने वाले मरीज भी 23 फरवरी के बाद 15 हजार से कम हो गए हैं। रविवार को 14,901 नए मरीज मिले। अब सिर्फ 5 राज्यों में रोज 10 से ज्यादा मौतें हो रही हैं, जबकि 21 राज्यों में अब एक भी मौत दर्ज नहीं हो रही। इनमें यूपी, बिहार, मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली जैसे प्रमुख राज्य शामिल हैं।

खास बात यह भी है कि यूपी, बिहार, मध्यप्रदेश समेत 20 राज्यों में अब संक्रमण की दर (टेस्ट पॉजिटिविटी रेट) 1% से भी कम है। यानी, इन राज्यों में अब हर 1000 टेस्ट में 10 से कम नए मरीज मिल रहे हैं। सिर्फ केरल और मिजोरम में संक्रमण की दर 10% से ज्यादा बनी हुई है। इसमें भी राहत की बात यह है कि केरल में पिछले महीने संक्रमण की दर 20% से ज्यादा थी, जो अब आधी रह गई है।

इन राज्यों में शून्य मौतें
उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल, हरियाणा, गुजरात, गोवा, दिल्ली, उत्तराखंड, त्रिपुरा, पुड्‌डुचेरी, लक्षद्वीप, लद्दाख, झारखंड, जेएडके, दादर और नगर हवेली, छत्तीसगढ़, चंडीगढ़, बिहार, अरुणाचल प्रदेश, अंडमान और निकोबार।

इन राज्यों में 50 से कम नए मरीज
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार के अलावा गोवा, अरुणाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, , हरियाणा, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, सिक्किम, गुजरात, नगालैंड, उत्तराखंड, त्रिपुरा, अंडमान और निकोबार, लक्षद्वीप, लद्दाख, दादरा और नगर हवेली, पुद्दुचेरी।

देश के हर 28वें नए मरीज को वैक्सीन लग चुकी
केरल सरकार ने ब्रेकथ्रू इन्फेक्शन (वैक्सीन लगवाने के बाद संक्रमण) पर स्टडी रिपोर्ट जारी की है, जो जीनोम सीक्वेंसिंग के ताजा डेटा पर आधारित है। इसके अनुसार, देश में रोज मिल रहे मरीजों में हर 28वां मरीज वैक्सीन ले चुका है। जबकि, केरल में हर पांचवें नए मरीज को वैक्सीन लग चुकी है।

वैक्सीन लगवाने के बावजूद संक्रमित होने वाले 82% मरीज डेल्ट वैरिएंट वाले हैं। स्टडी में यह भी सामने आया कि टीके की एक डोज लगवा चुके 30.7% लोग संक्रमित नहीं हुए, जबकि दोनों डोज लगवाने वाले 67% लोग संक्रमण से बच गए। इसलिए चिंता की बात यह है कि देश में 6 करोड़ से ज्यादा पहली डोज के 112 दिन बाद भी दूसरी डोज लगवाने नहीं आए हैं।

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