• Hindi News
  • Local
  • Delhi ncr
  • Now Men Are Undergoing Surgery To Reduce Chest Fat, 10 To 12 Cases Are Reaching LNJP And RML Hospital Every Month.

लॉकडाउन में गलत खान-पान से बढ़ गया चेस्ट फेट:अब पुरुष चेस्ट फेट कम करने करा रहे सर्जरी, एलएनजेपी और आरएमएल अस्पताल में हर महीने दस से 12 केस पहुंच रहे

नई दिल्ली2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

कोरोना काल या लॉकडाउन के दौरान युवाओं व पुरुषों में व्यायाम करने में काफी कमी ही खान पान में गलत आदतों की वजह से चेस्ट फेट बढ़ गया था। अब इन चेस्ट फेट को कम करने के लिए लोग सर्जरी करा रहे है, जिससे उनकी चेस्ट सामान्य नजर आए। अधिक दिनों तक चेस्ट फेट बढ़े रहने पर यह गायनेकोमास्टिया में बदल जाता है।

अस्पतालों में इन दिनों गायनेकोमास्टिया की सर्जरी काफी बढ़ गई है। जो लोग इस फेट को लेकर काफी दिनों से परेशान थे वे अब सर्जरी कराने लगे है। अब अस्पतालों में हर ओटी में इसकी सर्जरी होती देखी जा सकती है।

जिम में स्टेराॅयड, प्रोटीन शेक और लॉकडाउन में खाने पीने पर कंट्रोल ना होने से गायनेकोमास्टिया की सर्जरी बढ़ी
लोक नायक जय प्रकाश नारायण (एलएनजेपी) में बर्न एंड प्लास्टिक विभाग के कंसल्टेंट डॉ पीसी भंडारी का कहना है कि जिम में स्टेराॅयड, प्रोटीन शेक और लॉकडाउन में खाने पीने पर कंट्रोल ना होने से गायनेकोमास्टिया की सर्जरी बढ़ी है। कई बार यह हार्मोनल चेंजेस की वजह से भी होता है। लेकिन कोविड आने से पहले हम एक या दो महीने में एक एक ही सर्जरी करते थे, वहीं सेकेंड बेव के बाद हर ओटी में एक सर्जरी हो रही है। सप्ताह में दो ओटी होती है, जिसके तहत महीने में सात आठ सर्जरी गायनेकोमास्टिया की हो रही है। सर्जरी कराने वालों में अधिकतर 18 से 25 साल के युवा है। अच्छी बात यह है कि सर्जरी के साइड इफेक्ट नहीं है। और कुछ दिनों में व्यक्ति चेस्ट एक्सरसाइज छोड़कर बाकी नियमित काम कर सकता है।

चेस्ट में कुछ सेल्स होते है, जहां फेट स्टोर होता है
गायनेकोमास्टिया पर आरएमएल अस्पताल के बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ. मनोज झा का कहना है कि उनके यहां भी हर महीने में दस से 12 सर्जरी हो रही है। कुछ महीनों मे लोग जागरुक हुए है। चेस्ट में कुछ सेल्स होते है, जहां फेट स्टोर होता है। अगर इसमें चार हजार सेल्स है तो ज्यादा फेट स्टोर होगा। सर्जरी के बाद इसमें 800 या हजार सेल छोड़ दिए जाते है। अब सेल्स कम होंगें तो फेट भी कम स्टोर होगा। उनका कहना है कि इस सर्जरी के बाद पुरुषों में अलग तरह का कांफिडेंस देखा गया है। क्योंकि चेस्ट पर फेट होने से टी-शर्ट पहनना मुश्किल होता था।

क्या है गायनेकोमास्टिया
​​​​ गायनेकोमास्टिया में पुरुषों या युवाओं की चेस्ट पर काफी फेट जमा हो जाता है और वह महिलाओं की तरह दिखने लगाता है। साथ ही ब्रेस्ट टिश्यू बढ़ जाते है। युवावस्था में भी चेस्ट में बदलाव होते है और अधिकतर मामलों मे समय के साथ नाॅर्मल भी हो जाते है। मगर यह समस्या दो साल से ज्यादा हो तो यह गायनेकोमास्टिया बन जाती है।

खबरें और भी हैं...