दिल्ली सरकार की नई पहल:राजधानी के सभी सरकारी स्कूलों में आज से शुरू होगा देशभक्ति पाठ्यक्रम

नई दिल्ली2 महीने पहले
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को समारोह में उप मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री  मनीष सिसोदिया, निदेशक शिक्षा उदित प्रकाश व अन्य लोग मौजूद रहे। - Dainik Bhaskar
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को समारोह में उप मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया, निदेशक शिक्षा उदित प्रकाश व अन्य लोग मौजूद रहे।

दिल्ली सरकार ने अपने छात्रों में देशभक्ति की भावना जगाने के लिए मंगलवार से राष्ट्रीय राजधानी के सभी सरकारी स्कूलों में कक्षा नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा के लिए देशभक्ति पाठ्यक्रम लागू कर दिया। यह पाठ्यक्रम गतिविधि आधारित होगा और यह स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह को श्रद्धांजलि होगी।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को उप मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया, निदेशक शिक्षा उदित प्रकाश, डा. सपना यादव कोर टीम मेंबर देश भक्ति पाठ्यक्रम, रजनीश सिंह अतिरिक्त निदेशक शिक्षा के उपस्थिति में देश भक्ति कार्यक्रम को एक समारोह में लांच किया।

इस अवसर पर केजरीवाल ने कहा कि देशभक्ति पाठ्यक्रम स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने में मदद करेगा और स्वतंत्रता दिवस का समारोह स्कूलों में प्रतीकात्मक नहीं रहेगा, लेकिन अब इसका वास्तविक अर्थ होग। केजरीवाल ने कहा कि ‘इसमें ऐसा कुछ नहीं है जिसके लिए छात्रों को रटने की आवश्यकता होगी न ही इसकी परीक्षा होगी।

बच्चों को राष्ट्र की कहानियों के बारे में बताया जाएगा, राष्ट्र के प्रति उनकी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों के बारे में उनसे चर्चा की जाएगी और वे इसमें कैसे योगदान दे सकते हैं और दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों में देश भक्ति का भावना भरा जाएगा।

एससीईआरटी ने 6 अगस्त को देशभक्ति पाठ्यक्रम को दिया था अप्रूवल
दिल्ली सरकार द्वारा नियुक्त पैनल द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति पाठ्यक्रम की रूपरेखा को इस साल 6 अगस्त को राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की गवर्निंग काउंसिल द्वारा अनुमोदित किया गया था। जब स्कूल फिजिकल उपस्थिति के लिए पूरी तरह से खुलेंगे तो देशभक्ति पाठ्यक्रम स्कूलों में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक हर कक्षा में लागू किया जाएगा। अभी कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को ही फिजिकल क्लासेज के लिए स्कूलों में लौटने की अनुमति है।

देशभक्ति पाठ्यक्रम की यह हैं मुख्य बातें
1. पाठ्यक्रम रोट लर्निंग पर आधारित नहीं होगा और कोई परीक्षा नहीं होगी
2. पाठ्यक्रम एक्टिविटी आधारित होगा और छात्रों को स्वतंत्रता एवं राष्ट्र के गौरव की कहानियां सुनाई जाएंगी। बच्चों को राष्ट्र के प्रति उनकी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों का एहसास कराया जाएगा।
3. देशभक्ति पाठयक्रम पढ़कर छात्र देश के लिए अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने और देश की प्रगति में योगदान देने के लिए तैयार होंगे
4. देशभक्ति पाठ्यक्रम फ्रेमवर्क का उद्देश्य संवैधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान की गहरी भावना विकसित करना और मूल्यों एवं कार्यों के बीच की खाई को पाटना है
5. देशभक्ति पाठ्यक्रम से छात्रों को देश सेवा के मूल्यों की गहरी समझ बनाने और उन्हें बच्चों के व्यवहार का हिस्सा बनाने में मदद मिलेगी।

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