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फिक्स्ड चार्ज की वसूली नहीं है न्याय संगत:रामवीर सिंह ने कहा- व्यापारियों का तीन महीने का बिजली बिल होने चाहिए माफ

नई दिल्लीएक महीने पहले
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दिल्ली विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कोरोना की मार झेल रही दिल्ली को बिजली बिलों से राहत की मांग की है। बिधूड़ी ने कहा है कि दिल्ली में कर्फ्यू, लॉकडाउन और दूसरी बंदिशों को देखते हुए कम से कम तीन महीने के लिए बिजली के बिल माफ कर दिए जाने चाहिए। बिधूड़ी ने कहा है कि बिजली के बिलों की सबसे ज्यादा मार कारोबारियों, उद्योगपतियों और ऑफिस पर पड़ रही है।

दिल्ली में 6 अप्रैल को कर्फ्यू लगाया गया था और उसके बाद 19 अप्रैल से लॉकडाउन कर दिया गया था। अब आकर थोड़ी-सी राहत मिली है लेकिन अभी भी काम-धंघे चौपट हैं। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान भी व्यापारियों को बिजली के बिलों में फिक्स्ड चार्ज जमा कराने के लिए कहा जा रहा है।

जब बाजार बंद थे, उद्योग-धंधे बंद थे और ऑफिस में भी काम नहीं हो रहा था तो जाहिर है कि बिजली का भी इस्तेमाल नहीं हो रहा था। उस दौरान के बिजली के बिलों के फिक्स्ड चार्ज वसूल करना उनके साथ अत्याचार करने जैसा है। यह कानून संगत और न्याय संगत भी नहीं है। इसलिए अप्रैल से जून तक के सभी बिजली के बिल माफ कर दिए जाने चाहिए जिसमें फिक्स्ड चार्ज भी शामिल है।

यह उस कारोबारी पर अतिरिक्त बोझ है क्योंकि इस दौरान उसे कर्मचारियों का वेतन भी देना पड़ रहा है और बाकी खर्चे भी करने पड़ रहे हैं। इसके अलावा घरेलू उपभोक्ताओं को भी राहत की जरूरत है क्योंकि लोग अपने काम धंधे पर नहीं जा सके और उनकी आमदनी बंद हो गई।

ऐसे में दिल्ली सरकार को राहत के लिए आगे आना चाहिए। दिल्ली सरकार को इसके लिए प्रस्ताव बनाकर डीईआरसी के पास भेजना चाहिए। उन्होंने कहा है कि दिल्ली में काम-धंधा पिछले 15 महीनों से चौपट हो चुका है।

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