36 लाख से ज्यादा लूटी गई रकम बरामद:स्पेशल 26 मूवी की तर्ज पर डॉक्टर के घर पर डाला डाका, कैश और ज्वेलरी लूटी

नई दिल्ली7 महीने पहले
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डॉक्टर के घर से लूटे गए 36 लाख रुपए से ज्यादा बरामद - Dainik Bhaskar
डॉक्टर के घर से लूटे गए 36 लाख रुपए से ज्यादा बरामद
  • डॉक्टर के क्लीनिक पर जाते समय पकड़े गए तीन आरोपी, जिनमें एक महिला भी शामिल
  • आरोपियों ने CBI अधिकारी बनकर की वारदात, 36 लाख रुपए से ज्यादा कैश बरामद

स्पेशल 26 फिल्म से प्रेरित होकर डॉक्टर के घर को लूटने वाले तीन लोग अरेस्ट किए गए हैं। आरोपियों में एक महिला भी शामिल है। इनकी पहचान विकास नगर कॉलोनी पानीपत हरियाणा निवासी बिट्‌टू (32), सुरेन्द्र (35) व नरेला निवासी विभा (35) के तौर पर हुई। पुलिस ने इनके पास से 36 लाख रुपए से ज्यादा नगदी, पांच लाख की ज्वेलरी, 3852 यूएस डॉलर और चार सौ पाउंड जब्त किए हैं। आरोपियों ने खुद को CBI अधिकारी बनकर इस वारदात को अंजाम दिया था, जिन्होंने बकायदा फर्जी पहचान पत्र भी पीड़ित परिवार को दिखाए थे।

डीसीपी नार्थ वेस्ट डिस्ट्रिक उषा रंगनानी ने बताया 26 मार्च को मौर्या एंक्लेव थाने का स्टाफ सुभाष प्लेस थाने पहुंचा था, जिन्हाेंने इन तीनों आरोपियों को पुलिस के हवाले किया। पुलिस स्टाफ के साथ शिकायतकर्ता थे। पीड़ित प्रिंयक अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि वह कोहाट एंक्लेव पीतमपुरा में रहते हैं। शाम 6 बजे वह अपने पिता और ड्राइवर के साथ क्लीनिक से घर पहुंचे, तभी एक महिला समेत चार लोग जबरन घर में घुस आए। उन्होंंने खुद की पहचान CBI अधिकारी के तौर पर दी और उनके मोबाइल कब्जे में ले लिए। इसके बाद वे घर में काला धन होने का हवाला देकर तलाशी लेने लगे। इन्होंने घर में रखा सारा कैश और ज्वैलरी ले ली। जिसके बाद उन्होंने ड्राइवर तिलक राज से क्लीनिक चलने के लिए कहा। जब ड्राइवर उन्हें क्लीनिक लेकर जा रहा था, जब वह मौर्या एंक्लेव थाने के पास पहुंचा, तभी उसने पुलिस को देख शोर मचा दिया।

इसके बाद आरोपियों ने कार से भागने की कोशिश की तभी वहां आई पुलिस ने इन सभी को काबू में कर लिया। इनके पास से ज्वेलरी, कैश भी बरामद हो गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सुभाष प्लेस थाने में मुकदमा दर्ज कर उन्हें अरेस्ट कर लिया। अब इस केस में उनके दो अन्य साथी अमित और पवन की पुलिस को तलाश है।

पुलिस की गिरफ्त में नकली CBI अधिकारी।
पुलिस की गिरफ्त में नकली CBI अधिकारी।

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि फरार आरोपी अमित ने बिट्‌टू और उसके रिश्तेदार पवन से साथ में इस काम को करने के लिए कहा था। सुबह सात बजे बिट्‌टू और अमित पानीपत से सफद रंग की कार से चले थे। रास्ते में भहालगढ चौक पर इन्होंने सुरेन्द्र को उठाया। जिसके बाद नरेला से विभा को। विभा बिट्‌टू की जानकार है। ये सभी पीतमपुरा मेट्रो स्टेशन एकत्रित हुए, जहां पवन भी पहुंच गया। एक पार्क में प्लानिंग कर शाम छह बजे ये सभी डॉक्टर के घर पहुंच गए थे। बिट्‌टू ने खुद को CBI इंस्पेक्टर विरेन्द्र बताया था। कैश और ज्वेलरी घर से समेट ये डॉक्टर के ड्राइवर संग क्लीनिक पर जा रहे थे, तभी पुलिस ने इन सभी को पकड़ लिया। फरार दो आरोपी पवन और अमित इको गाड़ी में सवार थे, इसलिए दोनों भागने में कामयाब हो गए।