पायलट प्रोजेक्ट:स्टूडेंट्स बनेंगे उद्यमी, दिल्ली सरकार ‘बिजनेस ब्लास्टर्स’ आज लॉन्च करेगी

नई दिल्ली2 महीने पहले
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दिल्ली सचिवालय में दिल्ली सरकार के स्कूलों के ‘सीड मनी प्रोजेक्ट’ के एक हिस्से के रूप में व्यवसाय विकसित करने वाले युवा उद्यमियों के साथ दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया। - Dainik Bhaskar
दिल्ली सचिवालय में दिल्ली सरकार के स्कूलों के ‘सीड मनी प्रोजेक्ट’ के एक हिस्से के रूप में व्यवसाय विकसित करने वाले युवा उद्यमियों के साथ दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया।
  • बिजनेस ब्लास्टर प्रोग्राम में दिखाई रूचि पढ़ाई के साथ की कमाई

दिल्ली सरकार अपने स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को स्वावलंबी बनाने के लिए स्कूल लाइफ से ही उद्यमी बनाने का अनूठा कदम उठाया है। इसका मकसद यह है कि छात्र 12वीं पास करते-करते रोजगार कर पैसे कमाना सीख जाएं, जिससे जरूरत पड़ने पर खुद और अपने माता-पिता का भरण पोषण करते हुए निर्बाध बिना किसी सहायता के अपनी पढ़ाई भी पूरी कर सकें।

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया अपने सरकारी स्कूलों में मंगलवार को ‘बिजनेस ब्लास्टर्स’ प्रोग्राम लांच करेगी। इस योजना के तहत दिल्ली सरकार के अपने स्कूलों में 11वीं-12वीं के हर बच्चे को देगी दाे हजार रुपए सीड मनी देगी, जिससे वो कारोबार कर सकेंगे।

दिल्ली सराकार के इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ व्यापक रूप से लगभग 3.5 लाख छात्रों को मिलेगा। इस योजना को लागू करने के पहले इसे कुछ स्कूलों मेंं पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बिजनेस ब्लास्टर प्रोग्राम काे शुरू किया था। जिसमें छात्रों ने रूचि दिखाते हुए पढ़ाई के साथ कमाई भी की है।

छात्र रोजगार देकर अर्थव्यस्था को नया ऊंचाई देंगे: सिसोदिया
सिसोदिया ने कहा कि अब दिल्ली के सरकारी स्कूलों से छात्र भविष्य में एंट्रेप्रेंयूरिअल माइंडसेट के साथ पढ़ाई कर छात्र जॉब सीखने के बजाए जॉब प्रोवाइडर बनकर दिल्ली में रोजगार कर, रोजगार देकर अर्थव्यस्था को नया ऊंचाई देंगे। सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार ने 2019 में दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों में कक्षा एंटरप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम की शुरुआत की थी।
इसके पीछे मकसद था कि स्कूलों और कॉलेजों से पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र इस मानसिकता से बाहर निकले कि उन्हें जॉब सीकर नहीं बल्कि जॉब प्रोवाइडर बनना है। देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देना है। यदि वे जॉब करने जाएं तो उनमें इतनी योग्यता हो की उन्हें नौकरी की लाइन में न लगना पड़े बल्कि नौकरी उनके पास आए। इसके बाद पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस खिचड़ीपुर में बिजनेस ब्लास्टरर्स प्रोग्राम शुरू हुआ। इसका मकसद बच्चों में ये विश्वास जगाना था कि वे जो भी काम करे एंटरप्रेन्योरशिप माइंडसेट के साथ करें।

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