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  • The First Vaccine For Children 12+ May Come In 10 Days, That Too Indigenously; Zydus Cadila Will Seek Permission For Emergency Use

भास्कर खास:12+ बच्चों के लिए पहली वैक्सीन 10 दिन में आ सकती है, वह भी स्वदेशी; जायडस कैडिला इमरजेंसी यूज की अनुमति मांगेगी

नई दिल्लीएक महीने पहलेलेखक: पवन कुमार
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सूत्रों का कहना है कि वैक्सीन की कीमत तो अभी तय नहीं हुई है, लेकिन यह किफायती होगी। - Dainik Bhaskar
सूत्रों का कहना है कि वैक्सीन की कीमत तो अभी तय नहीं हुई है, लेकिन यह किफायती होगी।
  • जायडस कैडिला को जनवरी 2021 में मिली थी फेज-3 ट्रायल की अनुमति, 3 डोज हो सकते हैं

बहुत जल्द देश को एक अच्छी खबर मिलने वाली है। संभव है कि अगले 10 दिनों में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए भारतीय कंपनी की ओर से तैयार की गई वैक्सीन 12 से 18 वर्ष आयुवर्ग के लिए उपलब्ध हो जाए। जायडस कैडिला की ओर से तैयार की गई यह वैक्सीन 18 वर्ष से ज्यादा उम्र के सभी लोगों के लिए भी कारगर होगी। जायडस की ओर से सरकार के उच्च अधिकारियों को यह सूचना दी गई है कि अगले सप्ताह वह भारत में अपनी वैक्सीन के आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए आवेदन देगी।

कंपनी अगले सप्ताह कर सकती है आवेदन, 2 से 3 दिन में मिल जाएगी इजाजत

जायडस कैडिला कंपनी की ओर से तीसरे फेज के अंतरिम परिणाम के संबंध में भी सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (सीडीएससीओ) को जानकारी दी गई है। उम्मीद है कि अगले सप्ताह में किसी भी दिन कंपनी की अोर से आपात इस्तेमाल की इजाजत मांगी जाएगी।

आवेदन आने के 2-3 दिनों के अंदर ही सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (एसईसी) की बैठक बुलाकर कंपनी की ओर से पेश किए गए तीसरे फेज के परिणाम की रिपोर्ट के आधार पर अनुमति दी जा सकती है। जायडस कैडिला की वैक्सीन शुरुआती दौर में 3 डोज की होगी।

लेकिन, आने वाले समय में इसे भी अन्य वैक्सीन की तरह दो डोज की वैक्सीन बनाने पर भी काम चल रहा है। सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि वैक्सीन की कीमत तो अभी तय नहीं हुई है, लेकिन यह किफायती होगी। कंपनी की प्रति माह एक करोड़ डोज बनाने की क्षमता है।

12 से 18 वर्ष के 26 करोड़ बच्चे, अब तक इनके लिए नहीं था टीका

कंपनी को जनवरी-2021 में थर्ड फेज के ट्रायल की अनुमति मिली थी। इसमें 28 हजार लोगों पर ट्रायल किया गया। डीएनए टेक्नोलॉजी से तैयार यह पहली वैक्सीन है। 12 से 18 वर्ष की उम्र के बच्चों की आबादी देश में 25 से 26 करोड़ तक है। इनके लिए अभी तक देश में वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।

फाइजर और जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन को कई देशों में बच्चों के लिए सुरक्षित माना गया है। मगर अभी तक भारत में दोनों उपलब्ध नहीं हैं।

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