• Hindi News
  • International
  • The Formula Has Been Adopted To Ban The Car On Paris Weekend, Blue Alert Issued As Soon As The Air Quality Deteriorates In Beijing

प्रदूषण नियंत्रण दिवस आज:पेरिस अपना चुका है वीकेंड पर कार न चलाने का फॉर्मूला, बीजिंग में हवा की क्वालिटी खराब होते ही ब्लू अलर्ट जारी

नई दिल्ली2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
दुनिया में कई देशों ने अपनाया क्लीन एयर मॉडल। - Dainik Bhaskar
दुनिया में कई देशों ने अपनाया क्लीन एयर मॉडल।

प्रदूषण दुनिया के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। दिल्ली तो दुनिया के सबसे प्रदूषित 10 शहरों में शामिल है। नवंबर में दिल्ली-NCR के लोगों ने सबसे ज्यादा खराब हवा में सांस ली। इस पूरे महीने में 11 दिन हवा दमघोंटू रही। दूषित हवा से जूझ रहे शहरों के लिए चीन, फ्रांस समेत कई देशों के फैसले मॉडल हो सकते हैं। सख्त फैसलों और जनसहयोग से इन देशों ने प्रदूषण को काबू करने में सफलता पाई।

आज विश्व प्रदूषण नियंत्रण दिवस पर जानते हैं किन उपायों से ऐसा संभव हो सका

बीजिंग मॉडल- बीती सदी के आखिर में चीन की राजधानी बीजिंग प्रदूषण से बेहाल थी। 2013 में नेशनल एयर क्वालिटी एक्शन प्लान बना। बीजिंग और इसके आसपास स्थापित कारखानों में ताले लगा दिए गए। स्टील तथा एल्यूमिनियम का उत्पादन घटा दिया गया। प्रदूषण फैला रहे लाखों वाहनों को सड़क से हटाया गया। रेड लाइन क्षेत्र घोषित कर वन या हरित क्षेत्रों के पास निर्माण कार्यों पर पाबंदी लगी।

नाजिंग में मानव निर्मित जंगल बनाए गए। इससे हर साल 25 लाख टन कार्बन डाई ऑक्साइड को सोखने में मदद मिली। 60 किलो ऑक्सीजन का भी उत्पादन हुआ। इसका परिणाम यह हुआ कि 2017 तक प्रदूषण का स्तर 25%घट गया।

अब वायु प्रदूषण के स्तर पर नजर रख रही एजेंसी मौसम की तरह पूर्वानुमान जारी करती है। वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 से ऊपर जाते ही ब्लू अलर्ट जारी होता है। इसके तहत धूल नियंत्रण संबंधी उपाए किए जाते हैं। सूचकांक लगातार 5 दिन 200 के ऊपर रहता है तो रेड अलर्ट के तहत इमरजेंसी लग जाती है।

फ्रांस ने 3 फैसले लिए- 21 लाख आबादी वाली फ्रांस की राजधानी पेरिस में प्रदूषण कम करने के लिए वीकेंड पर कार से ट्रैवल करने पर रोक लगा दी गई। पब्लिक ट्रांसपोर्ट फ्री कर दिया गया। कार और बाइक शेयरिंग को बढ़ावा दिया गया। नीदरलैंड्स में ज्यादातर लोग कहीं आने-जाने के लिए साइकिल का उपयोग करते हैं। साल 2015 में राजधानी एम्सटर्डम में हवा की क्वालिटी में थोड़ा सा फर्क आया था। 2030 तक पेट्रोल-डीजल वाले वाहनों पर रोक लगेगी।