पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Delhi ncr
  • The Greatest Hope Of 92% Women Is To Get Equal Employment Opportunities, The Biggest Concern Is To Gain The Respect Of Family And Society.

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर भास्कर सर्वे:92% महिलाएं रोजगार के समान अवसर पाना चाहती हैं, 95% पुरुष भी मानते हैं कि बराबरी-सम्मान ही महिलाओं का जीवन सुधार सकते हैं

एक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • भास्कर के सर्वे में 5,531 महिलाओं और 5,548 पुरुषों ने भाग लिया

महिला चाहे गृहिणी हो या पेशेवर, उसके जीवन का हर पल उसके बच्चों, परिवार और अपनों को ही समर्पित होता है। महिला दिवस पर पहली बार दैनिक भास्कर ने महिलाओं से पूछा कि देश-दुनिया, समाज और परिवार से उनकी 5 सबसे बड़ी उम्मीदें और 5 सबसे बड़ी चिंताएं क्या हैं। साथ ही हमने पुरुषों से पूछा कि महिलाओं की बेहतरी के लिए सबसे अहम 5 कदम क्या होंगे।

हमारा उद्देश्य सिर्फ नारी जीवन की बेहतरी पर लोगों के विचार जानना ही नहीं था। हम इस मुद्दे पर पुरुषों और महिलाओं की सोच का अंतर भी देखना चाहते थे। नतीजे उम्मीदों भरे हैं। 92% महिलाओं की सबसे बड़ी उम्मीद रोजगार के समान अवसर पाना और सबसे बड़ी चिंता परिवार-समाज का सम्मान हासिल करना है। 95% पुरुष भी मानते हैं कि बराबरी और सम्मान ही महिलाओं का जीवन सुधार सकते हैं।

आश्चर्यजनक ये है कि महिलाओं-पुरुषों की सोच में यह समानता समाज के व्यवहार में नहीं दिखती है। जरा सोचिए, समानता और सम्मान की यह दृष्टि अगर व्यवहार में भी उतर जाए तो स्त्री की तरक्की कौन रोक सकता है। सर्वे के जरिए दैनिक भास्कर का यही प्रयास है कि महिलाओं के लिए जो स्पष्ट सोच सामने आई है, वह समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।

महिला सर्वे: नारी से ही जानिए...आखिर क्या है उसके मन की बात

5 सबसे बड़ी उम्मीदें: बराबरी, शिक्षा, सेहत, पैसा और खुशहाली
नारी की हर उम्मीद, हर सपने के साथ परिवार की तरक्की जुड़ी दिखती है। अपने लिए ज्यादा अधिकार व आर्थिक स्वतंत्रता चाहती है तो अपने परिवार के लिए खुशहाली और सेहत भी चाहती है।

1. समानता ही सबसे बड़ी उम्मीद
मुझे बराबरी का हक मिले...सिर्फ नौकरी के अवसरों में ही नहीं, दफ्तर, घर-समाज हर जगह मुझे कम न आंका जाए। ताकि मैं अपना भविष्य खुद गढ़ सकूं।

2. शिक्षा ही है सफलता की सीढ़ी
मुझे/मेरे बच्चों को, शिक्षा का पूरा मौका मिले। समाज इस बात को समझे कि बेटियों के लिए शिक्षा ज्यादा जरूरी है। अच्छी शिक्षा से ही मेरा/मेरे बच्चों का, जीवन बेहतर होगा।

3. आर्थिक आजादी पाना है सपना
मैं अपने सपनों का खर्च खुद उठाना चाहती हूं। मेरा अपना बैंक बैलेंस हो ताकि मैं किसी पर निर्भर न रहूं। अपने फैसले खुद लेने की पूरी आजादी मिले।

4. परिवार की खुशहाली जरूरी
मेरा परिवार खुशहाल रहे। पति को नौकरी में सुकून मिले और बच्चों की पढ़ाई अच्छी हो। सबको तरक्की मिले, सभी एक साथ रह सकें। परिवार कभी अलग न हो।

5. सब सेहतमंद, कोई बीमारी न आए
देश और दुनिया को महामारी से निजात मिले। मेरे बच्चे हमेशा महफूज रहें। मेरे परिवार में सब सेहतमंद रहें, कभी किसी को कोई बीमारी परेशान न करे।

5 सबसे बड़ी चिंताएं: सम्मान, सुरक्षा, दहेज, महंगाई और मौका
सम्मान के साथ स्त्री की बड़ी चिंता सुरक्षा की है। अपराधियों से ही नहीं वह दहेज - घरेलू हिंसा से भी सुरक्षा चाहती है। घरेलू महिलाओं की चिंता ये भी है कि अर्थव्यवस्था में योगदान के बदले में कुछ नहीं मिलता।

1. नारी का सम्मान है सबसे जरूरी
मुझे मेरे परिवार और समाज में सम्मान कब मिलेगा। मैं चाहे घर में काम करूं या नौकरी पर जाऊं, हर जगह मेरा उचित सम्मान नहीं है। आखिर लोगों का नजरिया कब बदलेगा।

2. सुरक्षा है नारी की दूसरी चिंता
मैं/मेरी बेटी, कब सुरक्षित महसूस करेंगे। रात में सड़कों पर मैं असुरक्षित हूं तो घर में अपनों के बीच भी सुरक्षित कहां हूं। लड़कियों के प्रति होने वाले अपराधों पर लगाम कब लगेगी।

3. दहेज का दानव अब भी है चिंता
दहेज प्रथा कब खत्म होगी। घरेलू हिंसा के मामले कब थमेंगे। समाज कब एक स्वस्थ विवाह का मतलब समझेगा। कब मुझे/मेरी बेटी को ऐसा जीवनसाथी मिलेगा जो दहेज नहीं साथ चाहे।

4. आखिर महंगाई कब कम होगी
रसोई गैस के दाम कब कम होंगे। पेट्रोल-डीजल से लेकर सब्जियों तक के दाम बढ़ रहे हैं। महंगाई कब कम होगी। कैसे मैं अपने घर का खर्च चला पाऊंगी।

5. गृहिणियों को क्यों नहीं सुविधाएं
मैं गृहिणी हूं तो मुझे बैंक से कोई लोन जैसी सुविधा क्यों नहीं मिलती। सरकार नौकरियों के वादे करती है, मगर 24 घंटे काम करने वाली गृहणियों को बजट में क्या मिलता है।

पुरुष सर्वे: महिलाओं की बेहतरी के लिए सबसे जरूरी 5 बातें क्या हैं पुरुषों की नजर में
यह सुखद आश्चर्य है कि महिलाओं की बेहतरी के लिए पुरुषों की सोच वही है जो खुद महिलाओं की है। पुरुष भी समानता, अधिकार, सुरक्षा, शिक्षा को बढ़ाने और दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने पर जोर दे रहे हैं।

1. बराबरी का मौका देना है सबसे जरूरी
नौकरियों में समान अवसर से लेकर पैतृक संपत्ति में महिलाओं को समान अधिकार देना सबसे जरूरी है। इसके लिए सरकार को कानून बनाने के साथ ही सख्ती से लागू भी करना होगा।
2. महिलाओं की सुरक्षा के लिए सम्मान जरूरी
दुष्कर्म जैसे अपराधों पर सख्त कानून बनें। मगर सबसे जरूरी है पुरुषों का नजरिया बदलना। हर महिला का सम्मान करना हमें लड़कों को बचपन से सिखाना होगा। इसी से बदलाव संभव है।
3. लड़कियों की उच्च शिक्षा हो अनिवार्य
सरकार को हर लड़की के लिए उच्च शिक्षा अनिवार्य कर देनी चाहिए। हर बच्ची पढ़ेगी, तभी वह अपने अधिकारों पर जागरूक होगी। शिक्षा से ही नारी का उत्थान संभव है।
4. सामाजिक कुरीतियों पर रोक जरूरी
दहेज प्रथा या कन्याभ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों पर समाज को खुद रोक लगानी होगी। ये कुरीतियां ही महिलाओं की दुश्मन बन गई हैं। इन्हें हटाने से ही महिलाएं सुरक्षित होंगी।
5. अपना जीवन चुनने की आजादी मिले
हर महिला को अपनी शिक्षा, करियर और जीवनसाथी चुनने की पूरी आजादी मिले। बचपन से ही उसे घर और बाहर हर जगह समान अधिकार मिलें। वह अपने निर्णय खुद ले।

खबरें और भी हैं...

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज आसपास का वातावरण सुखद बना रहेगा। प्रियजनों के साथ मिल-बैठकर अपने अनुभव साझा करेंगे। कोई भी कार्य करने से पहले उसकी रूपरेखा बनाने से बेहतर परिणाम हासिल होंगे। नेगेटिव- परंतु इस बात का भी ध...

और पढ़ें