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हाईकाेर्ट के आदेश में दखल नहीं देगा एससी:सुप्रीम कोर्ट ने कहा- जब लोग मर रहे हों तो हाईकोर्ट शांत नहीं रह सकती; कोर्ट ने ऑक्सीजन की मांग को सही से परखा

नई दिल्ली/बेंगलुरूएक महीने पहले
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जस्टिस चंद्रचूड ने कहा, ‘हमने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश में दखल दिया, मगर यहां ऐसा नहीं करेंगे। - Dainik Bhaskar
जस्टिस चंद्रचूड ने कहा, ‘हमने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश में दखल दिया, मगर यहां ऐसा नहीं करेंगे।

सुप्रीम काेर्ट ने कर्नाटक को 1,200 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की राेज आपूर्ति करने के आदेश पर रोक लगाने से मना कर दिया है। अदालत ने कहा, ‘कर्नाटक हाईकोर्ट का आदेश तर्कसंगत है। जब राज्य में लोग मर रहे हों, तो हाईकोर्ट शांत नहीं रह सकती। हाईकाेर्ट ने ऑक्सीजन की मांग को सही से परखा है। हम कर्नाटक के लाेगाें काे मंझधार में नहीं छाेड़ेंगे।’

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड और एमआर शाह की बेंच ने कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर केंद्र की याचिका भी खारिज कर दी। जस्टिस चंद्रचूड ने कहा, ‘हमने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश में दखल दिया, मगर यहां ऐसा नहीं करेंगे। कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपने आदेश काे पारित करने के पर्याप्त कारण दिए हैं। कर्नाटक में ऑक्सीजन का आवंटन 802 मीट्रिक टन था।

यह एक मई से 865 मीट्रिक टन तक बढ़ गया। केंद्र ने पांच मई को 965 मीट्रिक टन तक किया। वहां लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में हाईकोर्ट के आदेश में कुछ गलत नजर नहीं आता। गाैरतलब है कि हाईकोर्ट ने पिछले दिनाें राज्य के अस्पतालाें में ऑक्सीजन की कमी से काेराेना मरीजाें की माैताें पर चिंता जताई थी। केंद्र काे आदेश दिया था कि वह कर्नाटक को राेजाना 1,200 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति करे। केंद्र ने गुरुवार काे सुप्रीम कोर्ट में इसे चुनाैती दी थी।

केंद्र की यह दलील खारिज कि हाईकाेर्ट ऑक्सीजन की मात्रा तय करेंगी ताे समस्या हाेगी

सुनवाई के दाैरान केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, ‘हमारे स्राेत असीमित नहीं हैं। हम विरोध नहीं कर रहे हैं। लेकिन अगर हर हाईकोर्ट ऑक्सीजन की आपूर्ति की मात्रा तय करेंगी तो गंभीर समस्या पैदा हो जाएगी।

अगर हर हाईकोर्ट ऐसा करे तो फिर हम कहां होंगे?’ केंद्र इस मुद्दे पर कर्नाटक सरकार के साथ बैठक करेगी और चर्चा कर हल निकालेगी। इस पर जस्टिस चंदचूड ने कहा, ‘अगर हमें लगता कि हाईकोर्ट ने अपने अधिकाराें से आगे जाकर आदेश दिया है तो हम इसे देखते। मगर यह अच्छी तरह से सोच समझ कर दिया गया आदेश है।’

केंद्र सरकार को चेतावनी - दिल्ली को राेज 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन दें

राष्ट्रीय राजधानी को 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन देने के एक दिन बाद ही दिल्ली सरकार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। दिल्ली सरकार ने आरोप लगाया कि केंद्र ने 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन देने के अगले दिन पूरी सप्लाई नहीं की।

अदालत के आदेश के बावजूद शुक्रवार सुबह नौ बजे तक दिल्ली काे सिर्फ 89 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिली है। जबकि 16 मीट्रिक टन ऑक्सीजन रास्ते में है। इस पर जस्टिस डीवाई चंद्रचूड, एमआर शाह की बेंच नेे केंद्र से नाराजगी जाहिर की।

ममता ने प्रधानमंत्री माेदी काे लिखी चिट्ठी, राज्य काे ऑक्सीजन आपूर्ति बढ़ाएं

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार काे प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी काे चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्हाेंने राज्य काे ऑक्सीजन आपूर्ति की मात्रा बढ़ाने की मांग की है। ममता ने लिखा है कि राज्य में पिछले 24 घंटे में मेडिकल ऑक्सीजन की मांग बढ़कर 470 मीट्रिक टन हाे गई है। एक सप्ताह में यह मांग बढ़कर राेजाना 550 मीट्रिक टन हाेने का अनुमान है। राज्य काे राेजाना 550 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत है।

दिल्ली हाईकाेर्ट में याचिका- हाईकोर्ट में आयोग की पैरवी करते रहे हैं वकील मोहित

दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी से मरने वाले मरीजाें काे मुआवजा देने की मांग काे लेकर हाईकाेर्ट में याचिका दायर की गई है। दिल्ली हाईकाेर्ट के चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस जसमीत सिंह की बेंच ने याचिका पर शुक्रवार काे सुनवाई की।

उन्हाेंने दिल्ली सरकार काे कहा कि वह इस याचिका काे पीड़ित परिवाराें की ओर से प्रस्तुति की तरह ले। नियम-कानून तथा सरकार की नीतियाें के आधार पर निर्णय कर ले। हार्ईकाेर्ट ने कहा कि सरकार इसे प्राथमिकता से ले। धन सहित अन्य पहलुओं पर गाैर करते हुए निर्णय ले।