पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़:60 दिनों में 129 फर्जी डाॅक्टर गिरफ्तार, सबसे अधिक वलसाड में 9 पकड़े गए

अहमदाबाद9 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
बनासकांठा में क्लिनिक पर छापेमारी, 5 लोग गिरफ्तार। - Dainik Bhaskar
बनासकांठा में क्लिनिक पर छापेमारी, 5 लोग गिरफ्तार।
  • डीजीपी के आदेश पर कार्रवाई

राज्य में कोरोना महामारी के चलते पिछले डेढ साल से लोग परेशान है। अस्पतालों में बेड़, इंजेक्शन सहित सुविधाओं की कमी के चलते अनेक मरीजों को घंटों तक कतारबद्ध भी देखा गया है। ऐसे में राज्य के अलग-अलग इलाकों के मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए कोरोना के इलाज के बहाने प्रैक्टिस करने वाले फर्जी डॉक्टर पुलिस गिरफ्त में आए है।

विशेष तौर पर ग्रामीण इलाकोें में अनेक ऐसे डॉक्टर पकड़े गए है जो बगैर डिग्री लिए ही पिछले लंबे समय से क्लिनिक अथवा अस्पताल चलाकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे थे। अनेक जगहों पर मरीजोें की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बड़े अस्पताल में रेफ करने तक की नौबत आई है।

ऐसे हालात में राज्य के डीजीपी आशिष भाटिया ने फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश जारी किया था। इसके लिए स्पेशल टीम ने अलग-अलग विस्तारों में छापेमारी कर अभी तक कुल 129 फर्जी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है, जिसमें 53 डॉक्टर ग्रामिण इलाके से पकड़े गए है। छापेमारी करने वाली स्पेशल टीम को जानकारी मिली कि बाहरी राज्यों से आकर बगैर डिग्री लिए ही कई लोग क्लिनिक चलाकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है।

डीजीपी की अपील: सरकारी अस्पतालों में इलाज कराएं

1 अप्रैल से 31 मई तक राज्यभर से कुल 129 फर्जी डॉक्टर्स पकड़े गए है। जिसमें से 53 फर्जी डॉक्टर्स ग्रामीण इलाकों से गिरफ्तार हुए है। जबकि 18 डॉक्टर्स तो सिर्फ दो दिन में ही गिरफ्तार हुए है। जिसमें वलसाड जिले के सर्वाधिक 9 फर्जी डॉक्टर्स पकड़े गए है। इसी क्रम में वडोदरा ग्रामीण में 4, पंचमहाल में 4, मोरबी में 1 फर्जी डॉक्टर पकड़ा गया है।

अधिकांश मामलों मं गुजरात के बाहर से आए हुए शख्स ही बगैर डिग्री के क्लिनिक चलाकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते पाए गए है। अभी भी स्पेशल टीम अलग-अलग शहरों तथा ग्रामीण इलाकों में इस तरह के डॉक्टरों की खोजबीन में जूटी हुई है। डीजीपी ने लोगोें से यह भी अपील की है कि लोग किसी भी बीमारी की शिकायत होने पर वे फर्जी डॉक्टरों के पास जाकर इलाज कराने की बजाय किसी सरकारी अथवा डिग्री धारी डॉक्टर्स के पास ही जाए।

खबरें और भी हैं...