मौत का तांडव:वापी के मुक्तिधाम में 25 दिनों में 331 का अंतिम संस्कार, सरकारी आंकड़ों में सिर्फ 45 की ही मौत का जिक्र

वापी (गुजरात)7 महीने पहले
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शहर में पिछले चौबीस घंटे में ही 19 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। - Dainik Bhaskar
शहर में पिछले चौबीस घंटे में ही 19 शवों का अंतिम संस्कार किया गया।

गुजरात के कई महानगरों की तरह वापी शहर में भी कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए कोविड के इलाज के दौरान मरीजों की मौतों की संख्या भी काफी बढ़ रही है। शहर में पिछले चौबीस घंटे में ही 19 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। जबकि, सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन 2-3 की ही कोरोना से मौत हो रही है।

वापी मुक्तिधाम के बाहर रोजाना लग रही हैं शव वाहनों की कतारें।
वापी मुक्तिधाम के बाहर रोजाना लग रही हैं शव वाहनों की कतारें।

वापी मुक्तिधाम में अप्रैल के 25 दिनों में 331 मृतकों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है। यानी कि वापी में प्रतिदिन लगभग 14 शव आ रहे हैं, जबकि कपड़ा ग्रामीण इलाके के शमशान में प्रतिदिन 15 और पार्टी श्मशान में प्रतिदिन 6 से 7 मृतकों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। अप्रैल महीने में सर्वाधिक लोगों की मौत हुई है। वापी सहित वलसाड जिले में कोरोना की दूसरी लहर घातक साबित हो रही है क्योंकि अप्रैल महीने के पहले दिन से ही मौतों की संख्या बढ़ रही है।

वर्तमान में वापी मुक्तिधाम में समूह को लेकर आने वाले वाहनों को कतारबद्ध खड़ा करना पड़ रहा है। यहां पर अप्रैल महीने के 25 दिन में ही 331 को भीड़ और नॉन कोविड शवों का अंतिम संस्कार किया गया है। जबकि, कपड़ा तहसील के ग्रामीण इलाकों की स्थिति अलग है। यहां पर दूर-दराज के गांवों से शव पहले की तुलना में अधिक आने लगे हैं। लगभग प्रतिदिन के 15 से अधिक लोगों के शवों को अग्नि दाह दिया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों में अप्रैल महीने में प्रतिदिन लगभग 2 से 3 ही बताई जा रही है।

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