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पांच साल बाद रिहाई:पाकिस्तान की जेल से रिहा हुए 20 मछुआरे गुजरात पहुंचे, बोले-मजदूरी करेंगे, लेकिन मछली नहीं पकड़ेंगे नहीं

जूनागढ़5 महीने पहले
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पाक जेल में अभी भी बंद है 642 भारतीय मछुआरे। - Dainik Bhaskar
पाक जेल में अभी भी बंद है 642 भारतीय मछुआरे।

पाकिस्तान की जेल में बंद गुजरात के 20 मछुआरे गुरुवार को अपने-अपने घर पहुंच गए। ये मछुआरे वाघा बॉर्डर से वडोदरा होते हुए वेरावल पहुंचे हैं। यहां पर मत्स्य विभाग के परिसर में परिजनों ने सभी का फूल मालाओं से स्वागत किया। इस दौरान भावुक कर देना वाला भी नजारा दिखाई दिया, क्योंकि मछुआरे अपने परिवार के लोगों से पांच वर्ष के बाद मिल रहे थे।

कराची की जेल में बंद किया गया था मछुआरों को।
कराची की जेल में बंद किया गया था मछुआरों को।

पाक मरीन 5 साल पहले कर लिया था अपहरण
पाकिस्तान मरीन सुरक्षा एजेंसी (पीएमएसए) की ओर से 5 साल पहले इन मछुआरों का अपहरण कर लिया गया था। इन्हें छुड़ाने के लिए भारतीय मछुआरा एसोसिएशन की ओर से गुहार लगाई गई थी। रिहा होने वाले मछुआरों में सौराष्ट्र के तीन जिलों के हैं। इनमें गिर सोमनाथ जिले के 13, देवभूमि द्वारका जिले के 6 व जामनगर जिले का एक मछुआरा शामिल है। अब भी पाकिस्तान की जेलों में 642 भारतीय मछुआरे बंद हैं।

रिहा होने वाले मछुआरों में सोमनाथ के 13, द्वारका के 6 व जामनगर जिले का एक मछुआरा शामिल है।
रिहा होने वाले मछुआरों में सोमनाथ के 13, द्वारका के 6 व जामनगर जिले का एक मछुआरा शामिल है।

मजदूरी करूंगा, लेकिन मछली नहीं पकड़ूंगा
अरबी समुद्र में मछली पकड़ते समय अनेक भारतीय मछुआरे पाकिस्तानी मरीन सिक्यूरीटी द्वारा गिरफ्तार हो जाते हैं। इसके बाद भारतीय मछुआरों की बोट के साथ मछुआरों का अपहरण कर लेने के बाद उन्हें जेल में धकेला जाता है। भारत सरकार के प्रयासों से बंधक बने भारतीय मछुआरों को समय समय पर पाकिस्तान की जेल से रिहा किया जाता है। इसी क्रम में गुरुवार को 20 मछुआरों को पाकिस्तानी जेल से रिहा किया गया। इस दौरान एक मछुआरे ने बताया कि मेहनत मजदूरी करूंगा, लेकिन भविष्य में कभी भी मछली पकड़ने का काम नहीं करूंगा।