रोज नए रिकाॅर्ड / 217 नए संक्रमित, 10 की माैत, कतारगाम में सबसे ज्यादा 54 केस, हीरा बाजार की यूनिटों को बंद कर दिया गया

217 newly infected, 10 killed, highest 54 cases in Qatargam, Units of diamond market closed
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217 newly infected, 10 killed, highest 54 cases in Qatargam, Units of diamond market closed

  • कोरोना के साथ ही ठीक होने की रफ्तार भी बढ़ी, 61.28% रिकवर, एक ही दिन में अब तक सबसे ज्यादा 185 डिस्चार्ज

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 08:46 AM IST

सूरत. कोरोना के साथ ही ठीक होने की रफ्तार भी बढ़ रही है। अब तक 5055 पाॅजिटिव मरीजों में से 3098 मरीज ठीक हो चुके हैं। यानी 61.28 फीसदी मरीज ठीक हो चुके हैं। सोमवार को रिकाॅर्ड एक दिन में 185 मरीज ठीक होकर घर गए। इनमें शहर के 170 और ग्रामीण के 15 मरीज हैं। पिछले 10 दिनों में 1748 पाॅजिटिव मामले आए और 913 मरीज ठीक हुए, इस तरह रिकवरी रेट 66.56 फीसदी रहा।

हालांकि अनलाॅक-1 में हर दिन पाॅजिटिव मामलों का रिकाॅर्ड टूट रहा है। सोमवार को अब तक के सभी रिकॉर्ड टूट गए और 217 नए संक्रमित मिले। इनमें शहर के 185 और ग्रामीण के 32 मरीज शामिल हैं। इतनी तेजी से मामले बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। इसी के साथ सूरत में पांच हजार का भी आंकड़ा पार हो गया है। अब तक कोरोना के 5055 मामले आ चुके हैं।

इनमें 525 मामले ग्रामीण के हैं। शहर के कतारगाम जोन में सोमवार को सबसे ज्यादा 54 नए संक्रमित मिले। वराछा बी, रांदेर और आठवा जोन में भी अचानक मामले बढ़ने लगे हैं। ये तीनों जोन में लंबे समय से कम केस आ रहे थे। तीनों में क्रमशः 26, 20 और 17 नए केस आए। वहीं 10 मरीजों की मौत हुई है। अब मौत का आंकड़ा 184 हो गया है। 
सिविल में 293 कोरोना मरीजों की हालत नाजुक
सिविल अस्पताल में इस समय कोरोना के 388 पॉजिटिव मरीजों का इलाज चल रहा है। इसमें से 293 की हालत नाजुक है। इनमें 16 वेंटिलेटर पर, 34 बाइपेप और 243 ऑक्सीजन पर हैं। वहीं 102 संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है।

सिविल, स्मीमेर व अन्य अस्पतालों में  कोरोना के 10 मरीजों की मौत
अमरोली निवासी 64 वर्षीय बुजुर्ग महिला, उतरान निवासी 74 वर्षीय बुजुर्ग, पांडेसरा निवासी 67 वर्षीय बुजुर्ग महिला, उमरपाड़ा निवासी 48 वर्षीय महिला और ओलपाड निवासी 57 वर्षीय अधेड़ की सिविल अस्पताल में मौत हो गई। इसी तरह मंछरपुरा निवासी 46 वर्षीय महिला की स्मीमेर अस्पताल में मौत हो गई। हरिपुरा निवासी 71 वर्षिय बुजुर्ग की सल्बी में मौत हुई। इसी तरह तीन अन्य मरीजों की भी मौत हुई।

33 डायमंड वर्कर सहित 4 डॉक्टर, सीए, वकील, शिक्षक हुए कोरोना संक्रमित 
साउथ वेस्ट जोन में 33 डायमंड वर्कर, सिविल अस्पताल का डॉक्टर, प्राइवेट डॉक्टर, सीए ऑफिस में काम करने वाला, पांडेसरा में डाइंग मास्टर, नार्थ जोन में प्राइवेट डॉक्टर, मोबाइल शॉप वाला, सेंट्रल जोन में वकील, आरटीओ एजेंट, सरदार मार्केट में सब्जी वाला, ईस्ट जोन ए में सोशल वर्कर, प्राइवेट डॉक्टर, ईस्ट जोन बी में बैंक कर्मी, वेस्ट जोन में गुजरात गैस कंपनी का कर्मचारी, कंप्यूटर ऑपरेटर, एचडीएफसी बैंक का कर्मचारी, प्राइवेट स्कूल का टीचर और हजीरा में फायर कर्मी संक्रमित मिले।

सिविल के पेपर्स गायब हुए तो निजी अस्पताल ने एडमिट करने से मना किया
सिविल अस्पताल में हर दिन 100 से 120 पॉजिटिव मरीज भर्ती हो रहे हैं। ऐसे में मरीजों की जांच से लेकर पेपर वर्क में डॉक्टरों की हालत खस्ता हो गई है। इसी बीच एक और समस्या सामने आ गई। कोरोना पॉजिटिव एक मरीज की जांच की गई। केस हिस्ट्री पेपर्स तैयार किए गए और मरीज को मिशन अस्पताल रेफर कर दिया। जब मरीज मिशन अस्पताल पहुंचा तो पता चला कि सिविल के पेपर्स गायब हो गए हैं।

बिना पेपर के अस्पताल ने भर्ती करने से मना कर दिया। घंटों समय गंवाने के बाद भी जब बात नहीं बनी तो मरीज वापस सिविल अस्पताल गया। वहां फिर से केस पेपर निकाला। डॉक्टरों ने जांच की केस हिस्ट्री तैयार की। जब सारे पेपर्स तैयार हो गए तो मरीज फिर से मिशन अस्पताल गया, तब जाकर उसे एडमिट किया गया। इस बीच उसके 6 से 7 घंटे बर्बाद हो गए।

रेलवे के 25 आइसोलेशन कोच तैयार, स्वास्थ्य मंत्रालय की हां के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भेजेंगे

सूरत कोचिंग यार्ड में अप्रैल में ही 25 कोच को आइसोलेशन वार्ड में बदला जा चुका है। रेलवे इन कोच को ग्रामीण इलाकों में भेजने की योजना बना रही थी, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से अभी डिस्ट्रीब्यूशन लिस्ट नहीं मिल सकी है। लिस्ट मिलने के बाद ही इन कोच को मरीजों के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। पश्चिम रेलवे ने कहा कि सूरत कोचिंग यार्ड में जिन 25 कोच को आइसोलेशन वार्ड में बदला गया है उन्हें सूरत रेलवे स्टेशन पर पार्क नहीं किया जाएगा और न ही प्लेटफाॅर्म चार पर क्वाॅरेंटाइन किया जाएगा। इन कोच को शहर के आसपास के ग्रामीण इलाकों में भेज देंगे, जहां अस्पताल की उपलब्ध नहीं होंगे।

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से डिस्ट्रीब्यूशन लेटर का इंतजार है। पश्चिम रेलवे के सभी 6 डिवीजन में कुल 410 कोच को आइसोलेशन वार्ड में बदला गया है। सभी आइसोलेशन कोच में 3 डस्टबिन दिए गए हैं। इसमें शौचालय को स्नान कक्ष में बदल दिया गया है। स्नान कक्ष के पास पहला केबिन और दो अस्पताल, साथ ही गैलरी में पर्दे की व्यवस्था है। मिडिल बर्थ को हटाकर लोअर बर्थ को बेड में कन्वर्ट कर दिया गया है। खिड़कियों पर मच्छरदानी लगाई है।

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