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गांवों में संक्रमण की सूनामी:कोरोना के कहर के भावनगर जिले के अनेक गांवों के आंगन हुए सूने, 2 महीने में 4 गावों में 225 लोगों की मौत

भावनगरएक महीने पहले
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भावनगनर जिले के योगठ गांव की फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
भावनगनर जिले के योगठ गांव की फाइल फोटो।

गुजरात में कोरोना महामारी की दूसरी लहर तेजी से बढ़ रही है। इसका असर अब गांवों में भी साफ देखा जा सकता है। हालात कितने भयावह है, इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भावनगर जिले के चार गावों में 2 महीने में ही 225 लोगों की मौत हो चुकी है।

योगठ गांव में 90 मौतें
सबसे ज्यादा मौतें महज 13 हजार जनसंख्या वाले भावनगर जिले के योगठ गांव में दर्ज की गई हैं। यहां बीते 20 दिनों में लगभग 90 लोग कोरोना की जिंदगी हारते हुए मौत की भेंट चढ़ गए है। 20 दिनों से श्मशान में अग्निदाह का सिलसिला अनवरत शुरू है। गांव में एक के बाद एक मरीज की मौत के बाद लोगों में भय का माहौल बन गया है। हर दिन करीब 5 से 7 लोगों की मौत हो रही है।

योगठ गांव के श्मशान में ऋषि के तौर पर प्रख्यात रिटायर्ड शिक्षक गिरजाशंकर जोशी ने बताया कि गांव में बीते बीस दिनों में लगभग 90 से 100 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया है और एक भी दिन श्मशान की आग शांत नहीं हो पाई है। लेकिन फिर भी स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस पर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं हो रही है।

रंधोला गांव की फाइल फोटो।
रंधोला गांव की फाइल फोटो।

रंधोला गांव में 70 की मौत
यही हाल उमराला तहसील के रंधोला गांव का हैं। तकरीबन 10 हजार की आबादी वाले इस गांव में दो महीने में अब तक 70 लोगों की मौत हो चुकी है। गांव में ही एक ही स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र के ही कई कर्मचारियों के संक्रमित होने के चलते अब यह किसी काम का नहीं रहा। गांव वालों ने खुद ही स्वैच्छिक लॉकडाउन रखा है, जिससे संक्रमितों की संख्या में काफी कमी आ गई है। गांव में फिलहाल 13-14 लोग संक्रमित है, जो अब स्वस्थ हो रहे हैं।

उमराला गांव की फाइल फोटो।
उमराला गांव की फाइल फोटो।

उमराला गांव में 30 की मौत
करीब 13000 की आबादी वाले उमराला गांव में अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है। यहां बनाए गए कोविड केयर सेंटर में 40 बेड हैं, जो फिलहाल फुल हैं। कोविड केयर सेंटर में सरकारी सुविधाओं का अभाव है। केयर सेंटर में जो भी व्यवस्था मौजूद है, वह आध्यात्मिक साधना केंद्र द्वारा उपलब्ध करवाई गई है।

लीमडा गांव की फाइल फोटो।
लीमडा गांव की फाइल फोटो।

लीमडा गांव में 35 की मौत
अब बात करते हैं उमराला तहसील के ही लीमडा गांव की, जहां दो महीनें में अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 15 हजार की आबादी वाले इस गांव में अब भी 93 लोग संक्रमित हैं। हाल ही में गांव के एक परिवार के तीन सदस्यों (पिता और दो बेटे) की मौत हुई है।

रैपिड टेस्ट किट, दवाइयों की सुविधा नहीं
मार्च में हुए निकाय चुनाव के दौरान लोगों की सेवा का आश्वासन देने वाले चुने हुए जनप्रतिनिधि, विधायक और राजनेताओं की चुप्पी पर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। प्राथमिक सुविधाओं से वंचित इन गांवों में रैपिड टेस्ट किट, दवाईयां, रिपोर्ट अथवा ऑक्सीजन की एक भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यहां के लोग मानो 17वीं सदी जैसा ही जीवन व्यतित कर रहे है।