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भास्कर एक्सक्लूसिव:सूरत में दिल्ली-मुंबई मेन लाइन के क्रॉस ओवर प्वॉइंट पर 3 इंच टूटा ट्रैक, एक इंच और बढ़ा तो डिरेल का खतरा; रोज गुजरती हैं 150 ट्रेनें

सूरत4 महीने पहलेलेखक: लवकुश मिश्रा
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भेस्तान के पास क्रॉस प्वॉइंट पर ट्रैक में इतना बड़ा फ्रैक्चर हादसे को आमंत्रित कर रहा है। - Dainik Bhaskar
भेस्तान के पास क्रॉस प्वॉइंट पर ट्रैक में इतना बड़ा फ्रैक्चर हादसे को आमंत्रित कर रहा है।

दिल्ली-मुंबई मेन लाइन पर सूरत के भेस्तान के पास क्रॉस ओवर प्वाॅइंट पर ट्रैक 3 इंच टूट चुका है। खतरा इसलिए ज्यादा है कि यहां पर ट्रेनें 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरती हैं। एक पूर्व अधिकारी ने बताया कि अगर ट्रैक एक इंच और टूट गया तो ट्रेन डिरेल हो सकती है। यह समस्या पिछले 15 दिनों से है, लेकिन रेलवे के अधिकारी इस पर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं।

पश्चिम रेलवे के DRM से जब इस समस्या के बारे में बात की गई तो उन्होंने इसे बहुत ही गंभीर बताया, लेकिन स्थानीय PWI का कहना है कि यह सामान्य समस्या है। यह समस्या भेस्तान-उधना के बीच सिंगल बाईपास लाइन के करीब किमी क्रमांक 259/15 पर है। इस जगह क्रॉस ओवर पॉइंट है, जिससे मेन लाइन की ट्रेनें यहां से डायवर्ट होकर सिंगल बाईपास लाइन से होते हुए ताप्ती लाइन पर जाती हैं।

मेन लाइन की ट्रेनें यहां से डायवर्ट होकर सिंगल बाईपास लाइन से होते हुए ताप्ती लाइन पर जाती हैं।
मेन लाइन की ट्रेनें यहां से डायवर्ट होकर सिंगल बाईपास लाइन से होते हुए ताप्ती लाइन पर जाती हैं।

इसलिए ज्यादा गंभीर है यह फ्रैक्चर
भेस्तान के पास क्रास ओवर प्वॉइंट के ट्रैक पर हुआ फ्रैक्चर इसलिए ज्यादा गंभीर है, क्योंकि यहां से ट्रेनों को 130 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आने-जाने की अनुमति दी गई है। यहां से ट्रेनें बिना स्पीड रेस्ट्रिक्शन के चलती हैं। यह फ्रैक्चर बढ़ा तो ट्रेनों के मूवमेंट के दौरान हादसा हो सकता है। ट्रेन डिरेल हो सकती है। एक ट्रेन में लगभग 1500 यात्री होते हैं।

इसकी तत्काल जांच कराएंगे
उधना-भेस्तान के बीच ट्रैक मेंटेनेंस के लिए जिम्मेदार PWI सायमंड से इस ट्रैक फ्रैक्चर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह ट्रैक की मामूली समस्या है। हालांकि हम इसकी तत्काल जांच कराएंगे। ब्लॉक लेकर इस समस्या को ठीक कर दिया जाएगा।

यहां से ट्रेनों को 130 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आने-जाने की अनुमति दी गई है।
यहां से ट्रेनों को 130 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आने-जाने की अनुमति दी गई है।

रेल पटरी पर इतना बड़े फ्रैक्चर की जगह रेड मार्किंग भी नहीं
आमतौर पर ट्रैक मेंटेनेंस की जिम्मदारी देखने वाले PWI के निर्देश पर गैंगमैनों की यह ड्यूटी होती है कि वे रोजाना ट्रैक कंडीशन चेक करके ऐसे पॉइंट ढूंढे़ं जहां कोई समस्या हो। इसमे मामूली फ्रैक्चर भी हो तो वहां रेड मार्किंग कर चिन्हित करें, ताकि उसकी समय रहते मरम्मत की जा सके। लेकिन यहां ऐसा नहीं किया गया है। जिस जगह यह तीन इंच की दरार पड़ी है वहां किसी प्रकार की रेड मार्किंग नहीं की गई है। उसी प्वॉइंट से ट्रेनें आ-जा रही हैं।

ट्रेन परिचालन के लिए गंभीर समस्या
मुंबई मंडल रेल प्रबंधक जीवीएल सत्यकुमार से जब इस बारे में बात की गई तो वे हैरान रह गए। उन्होंने दैनिक भास्कर के संवाददाता से इस जगह के बारे में पूरी जानकारी ली और कहा कि यह रेल परिचालन के लिहाज से बहुत ही गंभीर समस्या है। इस पर तत्काल एक्शन लेकर इसे ठीक कराया जाएगा। यहां से ट्रेनें 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आती-जाती हैं।
दिल्ली-मुंबई मेन लाइन पर रोज राजधानी, शताब्दी, डबलडेकर, कर्णावती, गोल्डन टेंपल जैसी ट्रेनें गुजरती हैं। क्राॅस प्वॉइंट से ताप्ती लाइन की भी ट्रेनें आती हैं।

मेनलाइन से ये ट्रेनें गुजरती हैं
राजधानी, शताब्दी, डबलडेकर, कर्णावती, गोल्डन टेंपल जैसी 130 किमी रफ्तार वाली ट्रेनें भी इस ट्रैक से गुजरती हैं। अगर फ्रैक्चर बढ़ा तो रेलवे की लापरवाही का खामियाजा यात्रियों को जान PWI बोले

- यह सामान्य दरार लेकिन हम इसकी फौरन मरम्मत करेंगे
DRM बोले
- यह बहुत ही गंभीर समस्या, ट्रेनों के परिचालन के लिए खतरनाक

ध्यान देने वाली बातें
- 150 ट्रेनें रोज ट्रैक से गुजरती हैं
- 2,00,000 यात्री ट्रेनों से रोज आवाजाही कर रहे
- 130 किमी का स्पीड सेक्शन

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