• Hindi News
  • Local
  • Gujarat
  • 3 Inch Broken Track At The Cross Point Of Delhi Mumbai Main Line, If Increased By 1 Inch, Then The Danger Of Derail

भास्कर एक्सक्लूसिव:दिल्ली-मुंबई मेन लाइन के क्रॉस प्वाॅइंट पर 3 इंच टूटा ट्रैक, 1 इंच और बढ़ा तो डिरेल का खतरा

सूरत5 महीने पहलेलेखक: लवकुश मिश्रा
  • कॉपी लिंक
दिल्ली-मुंबई मेन लाइन पर रोज राजधानी, शताब्दी, डबलडेकर, कर्णावती, गोल्डन टेंपल जैसी ट्रेनें गुजरती हैं। क्राॅस प्वॉइंट से चल - Dainik Bhaskar
दिल्ली-मुंबई मेन लाइन पर रोज राजधानी, शताब्दी, डबलडेकर, कर्णावती, गोल्डन टेंपल जैसी ट्रेनें गुजरती हैं। क्राॅस प्वॉइंट से चल
  • भेस्तान के पास क्रॉस प्वॉइंट से रोज 150 ट्रेनें 110-130 की रफ्तार से गुजरती हैं
  • पीडब्ल्यूआई बोले- यह सामान्य दरार लेकिन हम इसकी फौरन मरम्मत करेंगे
  • डीआरएम बोले- यह बहुत ही गंभीर समस्या, ट्रेनों के परिचालन के लिए खतरनाक

दिल्ली-मुंबई मेन लाइन पर भेस्तान के पास क्रॉस ओवर पॉइंट पर ट्रैक 3 इंच टूट चुका है। खतरा इसलिए ज्यादा है कि यहां पर ट्रेनें 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरती हैं। एक पूर्व अधिकारी ने बताया कि अगर ट्रैक 1 इंच और टूट गया तो ट्रेन डिरेल हो सकती है।

यह समस्या पिछले 15 दिनों से है, लेकिन रेलवे के अधिकारी इस पर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। पश्चिम रेलवे के डीआरएम से जब इस समस्या के बारे में बात की गई तो उन्होंने इसे बहुत ही गंभीर बताया, लेकिन स्थानीय पीडब्ल्यूआई का कहना है कि यह सामान्य समस्या है।

यह समस्या भेस्तान-उधना के बीच सिंगल बाईपास लाइन के करीब किमी क्रमांक 259/15 पर हुई है। इस जगह क्रॉस ओवर पॉइंट है, जिससे मेन लाइन की ट्रेनें यहां से डायवर्ट होकर सिंगल बाईपास लाइन से होते हुए ताप्ती लाइन पर जाती हैं।

इसलिए ज्यादा गंभीर है यह फ्रैक्चर

भेस्तान के पास क्रास ओवर प्वॉइंट के ट्रैक पर हुआ फ्रैक्चर इसलिए ज्यादा गंभीर है, क्योंकि यहां से ट्रेनों को 130 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आने-जाने की अनुमति दी गई है। यहां से ट्रेनें बिना स्पीड रिस्ट्रिक्शन के चलती हैं। यह फ्रैक्चर बढ़ा तो ट्रेनों के मूवमेंट के दौरान हादसा हो सकता है। ट्रेन डिरेल हो सकती है। एक ट्रेन में लगभग 1500 यात्री होते हैं।

लापरवाही: रेल पटरी पर इतना बड़े फ्रैक्चर की जगह रेड मार्किंग भी नहीं

आमतौर पर ट्रैक मेंटेनेंस की जिम्मदारी देखने वाले पीडब्ल्यूआई के निर्देश पर गैंगमैनों की यह ड्यूटी होती है कि वे रोजाना ट्रैक कंडीशन चेक करके ऐसे पॉइंट ढूंढे जहां कोई समस्या हो। इसमे मामूली फ्रैक्चर भी हो तो वहां रेड मार्किंग कर चिन्हित करें, ताकि उसकी समय रहते मरम्मत की जा सके। लेकिन यहां ऐसा नहीं किया गया है। जिस जगह यह तीन इंच की दरार पड़ी है वहां किसी प्रकार की रेड मार्किंग नहीं की गई है। उसी प्वॉइंट से ट्रेनें आ-जा रही हैं।

इसकी तत्काल जांच कराएंगे

उधना-भेस्तान के बीच ट्रैक मेंटेनेंस के लिए जिम्मेदार पीडब्ल्यूआई सायमंड से इस ट्रैक फ्रैक्चर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह ट्रैक की मामूली समस्या है। हालांकि हम इसकी तत्काल जांच कराएंगे। ब्लॉक लेकर इस समस्या को ठीक कर दिया जाएगा।

ट्रेन परिचालन के लिए गंभीर समस्या

मुंबई मंडल रेल प्रबंधक जीवीएल सत्यकुमार से जब इस बारे में बात की गई तो वे हैरान रह गए। उन्होंने दैनिक भास्कर के संवाददाता से इस जगह के बारे में पूरी जानकारी ली और कहा कि यह रेल परिचालन के लिहाज से बहुत ही गंभीर समस्या है। इस पर तत्काल एक्शन लेकर इसे ठीक कराया जाएगा। यहां से ट्रेनें 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आती-जाती हैं।

मेनलाइन से ये ट्रेनें गुजरती हैं

राजधानी, शताब्दी, डबलडेकर, कर्णावती, गोल्डन टेंपल जैसी 130 किमी रफ्तार वाली ट्रेनें भी इस ट्रैक से गुजरती हैं। अगर फ्रैक्चर बढ़ा तो रेलवे की लापरवाही का खामियाजा यात्रियों को जान देकर न चुकाना पड़ेगा। ट्रेन डिरेल होने से एक बड़ी क्षति भी होगी।

खबरें और भी हैं...