पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Gujarat
  • 350 Machines, 1850 People Gathered To Make The Route, The Work Of Pillar Foundation Started

दूसरी लहर पड़ी धीमी, काम तेज:रूट बनाने में 350 मशीनें,1850 लोग जुटे, पिलर फाउंडेशन का काम शुरू

सूरत10 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
वापी से वडोदरा रूट पर वलसाड से सूरत के बीच अलाइनमेंट का काम चल रहा है। - Dainik Bhaskar
वापी से वडोदरा रूट पर वलसाड से सूरत के बीच अलाइनमेंट का काम चल रहा है।

कोरोना की दूसरी लहर धीमी पड़ते ही बुलेट ट्रेन के काम ने रफ्तार पकड़ ली है। 508 किमी लंबे इस मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के वापी से वडोदरा के बीच 237 किमी लंबे रूट निर्माण के लिए 350 हैवी मशीनें और 1850 लोगों को लगा दिया गया है। अब तक 600 लोकेशन पर जियोटेक्नीकल टेस्ट, 4 लोकेशन पर टेस्ट पाइल कास्टिंग, 27 लोकेशन पर पाइलिंग वर्क, 10 लोकेशन पर ओपन पाइल फाउंडेशन का काम पूरा कर लिया गया है।

सूरत के चौर्यासी तालुका के वकताना गांव के पास पिलरिंग और फाउंडेशन के लिए मिट्टी की जांच का काम पूरा हो चुका है। पाइलिंग का काम जारी है। बुलेट ट्रेन परियोजना का शिलान्यास वर्ष 2017 में हुआ था। शिलान्यास के लगभग तीन साल बाद इस परियोजना का काम शुरू किया गया। अब बुलेट ट्रेन के एलिवेटेड कॉरिडोर की अलाइनमेंट दिखनी शुरू हो गई है। सूरत से वलसाड तक इसका अलाइनमेंट का काम तेजी से चल रहा है। वापी से वडोदरा तक के 237 किमी रूट में चार स्टेशन बनेंगे।

इनमें वापी, बिलिमोरा, सूरत एवं भरूच शामिल हैं। सूरत में एक डिपो, 14 रिवर क्रॉसिंग, 42 रोड क्रॉसिंग और 6 रेलवे क्रॉसिंग के साथ भरूच-वडोदरा के बीच 350 मीटर लंबी सुरंग भी बनाई जाएगी। गुजरात में बुलेट ट्रेन के निर्माण के लिए 1396 हेक्टेयर जमीन में से 1035 हेक्टेयर जमीन प्राप्त हो चुकी है। यह कुल जमीन का 74 प्रतिशत हिस्सा है। महामराष्ट्र में जमीन का 25 प्रतिशत हिस्सा अधिग्रहण करने की प्रक्रिया चल रही है।

2024 तक पूरा करना है 237 किमी रूट

26 नवंबर 2020 को वापी-वडोदरा रूट के निर्माण की डेडलाइन चार वर्ष तक की गई थी। यह नवंबर 2024 में पूरी होगी। अधिकारियों ने बताया कि सूरत और आसपास पाइल टेस्टिंग होने के बाद अब रिपोर्ट स्टडी होगी। उसके बाद पाइल कैप और फाउंडेशन बनाने का काम शुरू होगा। उसके साथ ही पिलर भी बनने शुरू हो जाएंगे। इस प्रक्रिया में लगभग दो महीने लगेंगे। जापान से स्पेशलिस्ट की टीम आएगी जो वर्क मॉनिटरिंग करेगी।

अधिकारी लगातार कर रहे हैं काम की माॅनिटरिंग
कोरोना की दूसरी लहर के कारण काम की गति धीमी पड़ गई थी। हालांकि अब कोरोना की रफ्तार धीमी पड़ गई है, जिससे बुलेट ट्रेन के निर्माण कार्य में तेजी आई है। सूरत, नवसारी, वलसाड, भरूच की 90% जमीन हमने ठेकेदारों को सौंप दी है। एनएचएसआरसीएल के अधिकारी लगातार काम की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

-सुषमा गौड़, एजीएम, एनएचएसआरसीएल

नवसारी
नवसारी
खबरें और भी हैं...