गुजरात में बारिश का कहर:राजकोट में सालभर की बारिश का एक तिहाई से ज्यादा पानी 18 घंटे में बरसा, बाढ़ में गौशाला के 40 मवेशी बहे

राजकोटएक वर्ष पहले
गौशाला से बही मवेशियां बहती हुई सुरक्षित जगहों पर पहुंच गईं।
  • राजकोट में सालभर में औसतन 67.6 सेमी बारिश होती है, 18 घंटे में 25 सेमी बारिश हुई
  • सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात में 2 दिन आंधी-तूफान और भारी बारिश का अलर्ट

गुजरात के राजकोट, द्वारिका और पोरबंदर में सोमवार से जोरदार बारिश हो रही है। राजकोट में 18 घंटे में 25 सेंटीमीटर पानी गिरा। जिले में सालभर में औसत 67.6 सेंटीमीटर बारिश होती है। यानी कुल बारिश का करीब एक तिहाई से ज्यादा पानी 18 घंटे में ही बरस गया। निचले इलाकों में पानी भर गया। पडधरी तहसील के मोटा खिजडिया गांव की गौशाला के करीब 40 मवेशी तेज बहाव में बह गए। हालांकि, सभी सुरक्षित जगहों तक पहुंच गए। 

11 नदियां उफान पर, 10 से ज्यादा डैम के गेट खोले

मौसम विभाग ने सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात में आंधी-तूफान और 2 दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। सौराष्‍ट्र की शैत्रुंजी, भादर, वासवाडी, वेणु, कंडावती, सोमज, रावल, ओझत, न्‍यारी, मछुंद्री और ढाढर नदियां उफान पर हैं। उधर, आजी, ओजत, न्‍यारी, वेणु, शैत्रुंजी समेत 10 से अधिक डैम के गेट खोल दिए गए हैं। 

पडधरी तहसील के मोटा खिजडिया गांव की गौशाला में करीब 40 पशु थे, जो पानी में तैरते नजर आए।
पडधरी तहसील के मोटा खिजडिया गांव की गौशाला में करीब 40 पशु थे, जो पानी में तैरते नजर आए।
सौराष्‍ट्र की शैत्रुंजी नदी, भादर, वासवाडी, वेणु, कंडावती, सोमज, रावल, ओझत, न्‍यारी, मछुंद्री, ढाढर आदि नदियां उफान पर हैं।
सौराष्‍ट्र की शैत्रुंजी नदी, भादर, वासवाडी, वेणु, कंडावती, सोमज, रावल, ओझत, न्‍यारी, मछुंद्री, ढाढर आदि नदियां उफान पर हैं।