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अठवा और रांदेर जोन सिरदर्द:कोरोना को रोकने के 9 प्रयास, सबको सफल बताया फिर भी रोज औसतन 150 पॉजिटिव, अब ठीकरा जनता के सिर

सूरत17 दिन पहले
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अठवा व रांदेर जोन में शनिवार-रविवार को स्ट्रीट फूड पर पाबंदी लगाई गई है। इसकी वजह से शनिवार को पिपलोद में फूड की लॉरियां बंद रहीं।
  • धनवन्तरि रथ, रैपिड टेस्ट, होम आइसोलेशन जैसे उपायों के बावजूद बढ़ रहा संक्रमण
  • मनपा- लोग मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे

(एजाज शेख) कोरोना रोकने के लिए मनपा ने एपीएक्स सर्वे, धनवंतरि रथ, कम्युनिटी आईसोलेशन, होम आईसोलेशन, रैपिड टेस्ट, माइक्रो कंटेनमेंट की संख्या बढ़ाना, हाईरिस्क एरिया के प्रवेश के बाहर बैनर लगाने, रविवार को माॅल बंद रखने, शनिवार और रविवार को स्ट्रीट फूड बंद करने जैसे 9 प्रयास किए।

मनपा ने इन प्रयासों को सफल बताया, लेकिन कोरोना रुक नहीं रहा है। अभी भी शहर में रोज 150 के आसपास पाॅजिटिव आ रहे हैं। सबसे ज्यादा केस अठवा और रांदेर जोन से आ रहे हैं। अठवा जोन के पाॅश माने जाने वाले वेसू और अलथान क्षेत्र सबसे ज्यादा संवेदनशील बन गए हैं। ये हाईरिस्क जोन में रोज मामले बढ़ रहे हैं। मनपा इसका ठीकरा जनता के सिर फोड रही है।

मनपा का कहना है कि हम तो सभी प्रयास कर रहे हैं और ये सफल भी हो रहे हैं, लोगों की लापरवाही के कारण संक्रमण रुक नहीं रहा है। उसका कहना है कि लोग मास्क नहीं पहन रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं कर रहे हैं। हैंड सैनिटाइजर, होम क्वाॅरेंटाइन का भी पालन नहीं कर रहे हैं। यही नहीं प्रशासन द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का भी उल्लंघन किया जा रहा है। इसकी वजह से संक्रमण बढ़ रहा है।

मनपा का अंदाजा था कि सितंबर से रोज 100 से कम पाॅजिटिव आएंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। सितंबर के दो सप्ताह खत्म होने को हैं, लेकिन अब भी रोज 150 या उससे अधिक पाॅजिटिव मामले आ रहे हैं। शहर में 20 जुलाई को 15 दिन में कोरोना के मामले दोगुना हो रहे थे। अब 64 दिन में दोगुना हो रहे हैं। पाॅजिटिव केस स्थिर हैं, लेकिन रोज 150 या उससे ज्यादा नए आ रहे हैं।

एपीएक्स सर्वे: एक करोड़ से ज्यादा लोगों तक पहुंचे, बीमारी की जांच की

लिंबायत जोन में जब कोरोना के केस तेजी से बढ़ने लगे थे तो मनपा ने मई के पहले सप्ताह में एपीएक्स सर्वे शुरू किया था। इसके जरिये डोर-टू-डोर जाकर लोगों की जांच की। उसके बाद कतारगाम जोन और फिर पूरे शहर में एपीएक्स सर्वे शुरू किया गया था। मनपा का कहना है कि वे एक घर में तीन-तीन बार गए।

हर व्यक्ति की तीन बार जांच की। 45 लाख से ज्यादा आबादी का तीन बार सर्वे करने का मतलब है कि एक करोड़ लोगों तक पहुंचे। मनपा कमिश्नर बंछानिधि पाणी ने धनवंतरि रथ के साथ एपीएक्स सर्वे को भी ब्रह्मास्त्र बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रयास से संक्रमण रोकने में सफलता मिली है। जो पॉजिटिव मामले सामने आए थे वे भी शुरुआती दाैर में थे जो जल्द ही रिकवर हो रहे थे।

डोर टू डोर सर्वे में सर्दी, बुखार, डायरिया जैसे मामले मिले तो उस घर के बाहर a लिखा गया। डायबिटीज, ब्लड प्रेशर या हार्ट की बीमारी वाले बुजुर्ग और कोमोरबिड वाले के घर के बाहर p लिखा गया। इन दोनों में से कुछ नहीं मिला तो घर के बाहर x लिखा गया। सर्वे में बीमार लोगों की तलाश कर इलाज किया गया।

रैपिड टेस्ट: अब तक डेढ़ लाख से अधिक लोगों का टेस्ट कर चुके

मनपा द्वारा 18 जुलाई से 8 हेल्थ सेंटरों और 24 धनवंतरि रथों पर रैपिड टेस्ट की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। रैपिड टेस्ट के जरिये जिन लोगों में कोरोना संक्रमण होने की संभावना दिखी उसे पाॅजिटिव आने से पहले ही ढूंढकर होम आइसोलेट किया गया। मनपा का कहना है कि इससे कोरोना के संक्रमण को अंकुश में लाने का प्रयास किया गया। अब तक शहर में 1 लाख 50 हजार से अधिक लोगों का रेपिड टेस्ट किया जा चुका है। इनमें से 1 लाख 10 हजार से अधिक टेस्ट धनवंतरि रथों पर हुए।

माइक्रो कंटेनमेंट, हाईरिस्क एरिया में बैनर, आइलैंड बना किया सतर्क

काढ़ा वितरण के साथ माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए गए। जहां से अधिक पाॅजिटिव आए वहां हाईरिस्क एरिया के बैनर लगाए। लोगों को इन क्षेत्रों में जाने से पहले सावधानी बरतने को कहा गया। संक्रमित क्षेत्र को आइलैंड बनाकर शहर के अन्य क्षेत्रों से आने वाले लोगों को रोका जा रहा है। उस क्षेत्र के प्रवेश द्वार सीज किए बिना आवाजाही पर रोक लगाई।

धनवंतरि रथ: रोज 450 जगह जाते हैं, 20.88 लाख लोगों की जांच की

इससे सोसायटी और मोहल्ले में जाकर एआरआई और कोमोरबिड मामले ढूंढकर इलाज करना शुरू किया। जिन लोगों को सर्दी, खांसी और बुखार था उन्हें भी मौके पर दवाई दी गई। शहर में 120 धनवंतरि रथ काम कर रहे हैं। ये रथ प्रतिदिन औसतन 450 जगहों को कवर करते हैं। अब तक धनवंतरि रथों में 20 लाख 88 हजार 831 लोगों की जांच की गई।

इनमें से 43 हजार 774 एआरआई के मामले ढूंढ कर इलाज और जांच की गई है। इसके अलावा धनवंतरि रथ में 4 हजार 575 लोगों की मलेरिया को लेकर रैपिड टेस्ट किए गए हैं। इनमें मलेरिया के 7 मामले मिले हैं। 184 लोगों का डेंगू का रैपिड टेस्ट किया गया। इनमे से 8 पॉजिटिव मामले सामने आए।

कम्युनिटी आइसोलेशन: 20 कोविड केयर सेंटरों से अब तक 2009 मरीज ठीक हुए

शहर में कोरोना संक्रमण जब तेजी से बढ़ रहा था तब मरीजों के इलाज के लिए 2 जुलाई से कम्युनिटी आईसोलेशन सेंटर शुरू किए गए। इस तरह का यह देश में पहला प्रयास था। पाटीदार, प्रजापति जैसे 20 समाजों ने कम्युनिटी सेंटर बनाए। इनमें मरीजों को घर जैसा माहाैल दिया गया। मुफ्त इलाज किया गया।

इनमें ऐसे लोगों को रखा जा रहा है, जिनमें कोरोना के गंभीर लक्षण नहीं हैं। राज्य के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की अग्र सचिव डॉक्टर जयंती रवि ने विभिन्न समाजों के प्रमुखों से कम्युनिटी आइसोलेशन सेंटर बनाने की अपील की थी। उसके बाद विभिन्न समाजों ने 20 कम्युनिटी सेंटर तैयार किए। इनसे 2009 से ज्यादा मरीज ठीक हुए।

होम आईसोलेशन, दो दिन स्ट्रीट फूड पर बैन

होम आईसोलेशन से एसिम्टोमैटिक मरीजों को होम आईसोलेट किया गया। हालांकि मनपा का कहना है कि लोग होम आईसोलेशन में नियमों का पालन नहीं करते। इसमें लापरवाही बरतने से परिवार के सदस्यों में भी संक्रमण फैल रहा है।

इसकी वजह से शहर के 700 परिवार ऐसे मिले जिनके एक से 3 सदस्य पाॅजिटिव पाए गए। इसके अलावा रविवार को संक्रमित जोन के माॅल बंद रखने की भी रणनीति अपनाई गई। अठवा व रांदेर जोन में शनिवार और रविवार को स्ट्रीट फूड व लाॅरी बंद रखने का आदेश दिया गया।

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