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  • After The Bullet Train, Darshana Is Also Responsible For The Second Ambitious Project Of PM Modi, The Char Dham Rail Project.

रेल राज्यमंत्री ने चार धाम परियोजना का किया दाैरा ​​​​​​​:दर्शना को बुलेट ट्रेन के बाद पीएम मोदी के दूसरे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट चार धाम रेल परियोजना की भी जिम्मेदारी

सूरत2 महीने पहले
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सूरत की सांसद और रेल राज्यमंत्री दर्शना जरदोष को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिलने लगी है। दर्शना को पहले बुलेट ट्रेन की जिम्मेदारी दी गई और अब चार धाम को रेल मार्ग से जोड़ने का जिम्मा मिला है। इस संबंध में दर्शना जरदोश ने मंगलवार को चार धाम रेल प्रोजेक्ट की साइट विजिट की। इस मौके पर देहरादून में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात भी की।

दोनों नेताओं ने राज्य में चल रही विभिन्न रेल परियोजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। इस चर्चा के दौरान रेल सेक्शनों का विद्युतीकरण, पहले से मौजूद रेल लाइनों का दोहरीकरण, स्टेशन पुनर्विकास योजनाएं और नई रेल लाइन परियोजनाएं शामिल थीं।

यह है चार धाम परियोजना: चार धार्मिक स्थलों को जोड़ेंगे
चार धाम परियोजना में उत्तराखंड में रेल मार्ग से चार प्रमुख धार्मिक स्थलों गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ को एक-दूसरे से जोड़ा जाएगा। इस परियोजना में टोही इंजीनियरिंग ने सर्वेक्षण करके रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। परियोजना का अध्ययन करने और प्रस्तावित रेल लाइन के लिए फाइनल लोकेशन का सर्वे चल रहा है।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग ब्रॉडगेज रेल लाइन के कार्य की समीक्षा
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग ब्रॉडगेज रेल लाइन पर कार्य की स्थिति की समीक्षा करते हुए रेल राज्यमंत्री दर्शना जरदोष ने कहा कि यहां तीव्र गति से कार्य चल रहा है और इस प्रतिष्ठित परियोजना को समय पर पूरा करने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रेल परियोजना के साथ-साथ रेलवे सड़कों के निर्माण का कार्य भी कर रही है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों के कई गांवों को रेलवे से जोड़ा जाए। उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना स्थल पर टनल बोरिंग का काम भी देखा।

कई महत्वपूर्ण शहरों को रेल नेटवर्क से जोड़ेगी परियोजना
ऋषिकेश और कर्णप्रयाग के बीच नई ब्राॅडगेज रेल लाइन उत्तराखंड राज्य की एक बहुत महत्वपूर्ण परियोजना है। इसका उद्देश्य उत्तराखंड के तीर्थस्थलों तक सुगम पहुंच बनाना, नए व्यापार केंद्रों को जोड़ना, पिछड़े क्षेत्रों का विकास करना और क्षेत्र के लोगों को सुविधा प्रदान करना है। यह प्रस्तावित रेल लाइन देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रूद्र प्रयाग और चमौली जिलों से होते हुए देवप्रयाग, श्रीनगर, रूद्रप्रयाग, गौचर और कर्णप्रयाग जैसे महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ेगी।

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