पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Gujarat
  • Coal Is Two And A Half Times More Expensive In 2 Months, Processors Will Increase Job Charge For The Second Time In A Month

कश्मकश:2 माह में कोयला ढाई गुना महंगा, प्रोसेसर्स एक माह में दूसरी बार बढ़ाएंगे जॉब चार्ज

सूरत4 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • जॉब चार्ज बढ़ने का सीधा असर कपड़ा व्यापारियों के लाभ पर पड़ने की आशंका
  • जॉब चार्ज पर अंतिम फैसले लेने के लिए 14 सितंबर को प्रोसेसर्स करेंगे मीटिंग

पिछले कुछ महीनों से अंतरराष्ट्रीय कारणाें से शिपिंग चार्ज बढ़ने के कारण विदेश से आयातित वस्तुएं महंगी हाे रही हैं। इसका सीधा असर कपड़ा बाजार पर भी देखा जा रहा है। कोयला, कलर, केमिकल और यातायात खर्च बढ़ने के अंतिम फैसले के लिए 14 सितंबर को प्रोसेसर्स की मीटिंग होगी। इसका कारण है कि कपड़ों की डाइंग और प्रिंटिंग कीमत लगातार बढ़ रही है।

हाल में ही कुछ दिनों पहले प्रोसेसर्स ने जॉब चार्ज 10 प्रतिशत बढ़ा दिया था। इसके बाद प्रोसेसर जॉब चार्ज की कीमत में 10 प्रतिशत तक बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। दूसरी अाेर कपड़ा व्यापारियों का कहना है कि यदि जॉॅब चार्ज बढ़ता है ताे इसका सीधा असर व्यापारियों के लाभ पर पड़ सकता है।

शिपिंग चार्ज बढ़ जाने से कोयला के दाम बढ़ रहे हैं

प्रोसेसर्स का कहना है कि डाइंग प्रोसेसिंग यूनिटों में इस्तेमाल किए जाने वाला कोयला विदेश से आयात किया जाता है। इन दिनों कन्टेनर की कमी और शिपिंग चार्ज में बढ़ोतरी होने के कारण कोयले की कीमत में खूब उछाल आया है। जो कोयला दो महीने पहले 4500 रुपए प्रति टन की कीमत से मिल रहा था, वह अब 11000 रुपए पर पहुंच गया है। इसके चलते प्रोसेसर्स की लागत तेजी से बढ़ी है।

पुरानी कीमतों पर जाॅब वर्क करना मुश्किल हो रहा

डाइंग प्रोसेसिंग यूनिट संचालकों का कहना है कि पेट्रोल, डीजल और अन्य वस्तुओं की इतनी तेजी से बढ़ रही कीमतों के कारण जॉब वर्क का दाम भी बढ़ गया है। पुरानी कीमतों पर जॉब वर्क कर पाना मुश्किल हो रहा है। हम पिछले एक महीने से नुकसान कर कारोबार चला रहे हैं। ऐसे ज्यादा दिनों तक नहीं चला सकते। परिस्थिति को देखते हुए जॉब चार्ज बढ़ाना ही पड़ेगा।

साउथ गुजरात टैक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन के जीतू वखारिया और कमल विजय तुल स्यान ने बताया कि कोयले अाैर कच्चे माल की कीमत लगातार बढ़ने के कारण उत्पादन खर्च महंगा हो गया है। इसलिए हमें जॉब चार्ज बढ़ाना पड़ेगा। प्रति मीटर 0.50 पैसे अर्थात औसतन 10 प्रतिशत जॉब चार्ज बढ़ाने का विचार किया जा रहा है। इस पर अंतिम फैसला 14 सितंबर की मीटिंग में होगा।

पिछली बार व्यापारियों ने किया था दाम बढ़ाने का विरोध

पिछली बार जब प्रोसेसर्स ने दाम बढ़ाए थे, तब व्यापारियों ने इसका विरोध किया था। फेडरेशन ऑफ सूरत टेक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन सहित अन्य संगठनों ने भी प्रोसेसर्स की ओर से जॉब चार्ज बढ़ाने का कड़ा विरोध किया था। हालांकि इसके बाद व्यापारी और प्रोसेसर्स आपसी सामंजस्य से काम करने लगे। अब एक बार फिर से जॉब चार्ज बढ़ने की नौबत आ गई है। ऐसे में व्यापारियों की मुश्किले भी बढेंगी।

हर 15 दिन या एक माह में बढ़ रहे कोयले के दाम

बीते आठ महीने में ही कोयले के दाम लगभग 10 बार बढ़े हैं। हर 15 दिन या 30 दिन में 500 से 700 रुपए दाम बढ़ रहे हैं। साल की शुरुआत में कोयले की कीमत 5000 रुपए तक प्रति टन थी। जो अब 11000 रुपए के करीब पहुंच गई है। कोयले और कच्चे माल की कीमत बढ़ने के कारण प्रिंट वाले कपड़ों की कीमत 5 रुपए से 10 रुपए तक बढ़ जाएगी।
- कमल विजय तुलस्यान, प्रोसेसर

व्यापारियों को जॉब चार्ज बढ़ने से नुकसान होगा

यदि जॉब चार्ज बढ़ता है तो इसका सीधा असर व्यापारियों के लाभ पर पड़ेगा। रिटेल मार्केट में व्यापार कमजोर होने के कारण अन्य राज्यों के व्यापारी साड़ी और ड्रेस मटीरियल्स के बढ़े दाम देने के लिए तैयार नहीं हो रहे। हमें ही अपने लाभ में कमी करनी पड़ रही है। जॉब चार्ज बढ़ने से व्यापारियों को नुकसान हो सकता है।
- रंगनाथ शारडा, प्रवक्ता, फोस्टा

इसके पहले भी बढ़ चुके हैं दाम, अब फिर से बढ़ेंगे

कई व्यापारियों ने पिछले दिनाें 10 प्रतिशत दाम बढ़ाए थे। जबकि कुछ ने 5 प्रतिशत ही बढ़ाए थे। अबकि बार फिर से दाम बढ़ रहा है ताे कम जाॅब चार्ज बढ़ाने वाले भी दाम बढ़ा सकते हैं। एक महीने में कई प्राेसेसर्स ने एक ताे कुछ ने दाे बार दाम बढ़ाए थे। अब फिर दाम बढ़ेंगे।
- जीतू बखारिया, अध्यक्ष, साउथ गुजरात प्राेसेसर्स एसाेसिएशन

खबरें और भी हैं...