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जानलेवा बना कोरोना:भावनगर के योगठ गांव में कोरोना का संक्रमण, 20 दिन में 100 मरीजों की मौत

भावनगरएक महीने पहले
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ग्रामीणों की ओर से कोविड केयर सेंटर बनाने की मांग। - Dainik Bhaskar
ग्रामीणों की ओर से कोविड केयर सेंटर बनाने की मांग।
  • इलाके में एक के बाद एक मौत से भय का माहौल

महज 13 हजार जनसंख्या वाले भावनगर जिले के योगठ गांव में कोरोना की दूसरी लहर ने हाहाकार मचाया है। बीते 20 दिनों में लगभग 100 लोग कोरोना की जिंदगी हारते हुए मौत की भेंट चढ़ गए है। 20 दिनों से श्मशान में अग्निदाह का सिलसिला अनवरत शुरू है। इस बीच महामारी से बचाने के लिए प्रशासन पूरी तरफ विफल देखने को मिल रहा है। जिससे ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।

देश, राज्य और जिले में कोरोना महामारी की दूसरी लहर बेकाबू से बढ़ रही है। बढ़ते संक्रमण के साथ साथ मौतों की संख्या भी दिन ब दिन बढ़ने लगी है। छोटे से योगठ गांव में एक के बाद एक मरीज की मौत के बाद लोगों में भय का माहौल बन गया है। हर दिन करीब 5 से 7 लोगों की मौत हो रही है। लेकिन फिर भी स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस पर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री द्वारा लोगों की मांग के अनुसार टीबी में स्थित अस्पताल में कोविड केयर सेंटर कार्यरत करने का आदेश कराने के बावजूद जिला प्रशासन की आरे से अब तक कोई भी कदम नहीं उठाए गए है।

वडोदरा में 424 हुआ मृत्यांक
मनपा द्वारा घोषित आंकड़ों के अनुसार शहर-जिले में पॉजिटिव केस का कुल आंकड़ा 48568 तक पहुंच गया है। वहीं मृत्यांक भी 424 हो गया है। अभी तक कुल 39084 लोग कोरोना से ठीक होकर अपने घर जा चुके है। वडोदरा में अभी 9060 एक्टिव केस में से 582 मरीज ऑक्सीजन पर है, 368 मरीज वेंटिलेटर पर है।

रैपिड टेस्ट किट, दवाइयों, रिपोर्ट अथवा ऑक्सीजन के लिए कोई सुविधा नहीं; राजनेताओं की ओर से चुप्पी साधी गई, ग्रामीणों में आक्रोश

चुनाव के दौरान लोगों की सेवा का आश्वासन देने वाले चुने हुए जनप्रतिनिधि, विधायक और राजनेताओं की चुप्पी पर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। इलाके में कोविड केयर सेंटर की लगातार मांग के बावजूद कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जानकारी के अनुसार प्राथमिक सुविधाओं से वंचित इस विस्तार में रैपीड टेस्ट किट, दवाईयां, रिपोर्ट अथवा ऑक्सीजन की एक भी सुविधा उपलब्ध नहीं है।

ऐसे में यहां के लोग मानो 17वीं सदी जैसा ही जीवन व्यतित कर रहे है। योगठ गांव के श्मशान में ऋषि के तौर पर प्रख्यात रिटायर्ड शिक्षक गिरजाशंकर जोशी ने बताया कि गांव में बीते बीस दिनों में लगभग 90 से 100 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया है और एक भी दिन श्मशान की आग शांत नहीं हो पाई है।

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