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अलर्ट / 3 व 4 जून को चक्रवात का असर, 70-110 की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, भारी बारिश हो सकती है, होर्डिंग, बिजली के खंभे, पेड़ों से दूर रहने की चेतावनी

Cyclone impact on June 3 and 4, winds will move at a speed of 70-110, heavy rain may occur, hoardings, electric poles, warning to stay away from trees
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Cyclone impact on June 3 and 4, winds will move at a speed of 70-110, heavy rain may occur, hoardings, electric poles, warning to stay away from trees

  • चक्रवात निसर्ग के सूरत में असर को देखते हुए प्रशासन सतर्क, मछुआरों के साथ लोगों को समुद्र से दूर रहने की दी सलाह

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 07:29 AM IST

सूरत. केरल के निकट अरब सागर में बना लो प्रेशर डिप्रेशन में बदल गया है। यह 3 जून की सुबह तक सीवियर साइक्लोनिक स्ट्रॉम में बदलकर दमण और महाराष्ट्र के हरिहरेश्वर के बीच दस्तक देगा। इसका असर सूरत में 3 जून की शाम दिखना शुरू होगा। 4 जून की सुबह तक 70 से 110 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने के साथ भारी बारिश होने का अनुमान है। प्रशासन ने लोगों को बड़े होर्डिग्स, जर्जर मकान, खंभे और पेड़ों से दूर रहने को कहा है।

शहर का पारा 2 डिग्री लुढ़का, कई जगह बूंदाबादी, दिनभर बादल छाए रहे
अरब सागर में लो प्रेशर डिप्रेशन में बदलने से सूरत के वातावरण में तापमान में 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। शहर में दिनभर बादल छाए रहे। सोमवार सुबह परवत पाटिया, मगोब, अठवालाइंस, नानपुरा, लालदरवाजा, अडाजण, आनंद महल रोड, जहांगीरपुरा, भीमराड, वेसू सहित अन्य इलाकों में हवाओं के साथ बूंदाबादी हुई। उत्तर- पश्चिम दिशा से 10 किमी प्रति घंटे की गति से हवा चली। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री रहा।

प्रशासन ने दी हिदायत

1. अपने घरों में हीं रहें, सेल्फी, फोटो खींचने बाहर न जाएं।
2. निचले और कच्चे मकान में रहने वाले सूचना मिलने पर सेल्टर होम में शिफ्ट हों।
3. पेड़, बिजली का खंभा और जर्जर मकान आदि से दूर रहें।

4. तेज हवा में उड़ने वाले पतरे अंदर ही रखें। उन्हें बांध दें।
5. समुद्र किनारे नहीं जाएं, सभी समुद्री तट बंद हैं, मछुआरे समुद्र में नहीं जाएं।
6. सभी किसान खुले में रखा अनाज सुरक्षित जगह रखें। सभी कंस्ट्रक्शन साइट से दूर रहें।

60 साल में पहली बार चक्रवात साउथ गुजरात में लैंडफाल होगा
माैसम विशेषज्ञ दिलीप हिंडिया ने बताया कि खंभात की खाड़ी से लेकर साउथ गुजरात के बीच पिछले 60 सालों में एक बार भी तूफान लैंडफाल नहीं हुआ। ज्यादातर चक्रवात सौराष्ट्र के समुद्री किनारे से गुजरते हुए ओमान की ओर मुड़ गए थे। 2017 में ओखी तूफान के सूरत में दस्तक देने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन अाया नहीं। यह पहला चक्रवात है जो साउथ गुजरात में दस्तक देने जा रहा है।

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