पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Gujarat
  • Different Rules In Two Big Government Hospitals, Easy Treatment In Smear, Chaos In Civil

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

रियल्टी चेक:दो बड़े सरकारी अस्पतालों में अलग-अलग नियम स्मीमेर में इलाज आसान, सिविल में अफरा-तफरी

सूरत3 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • अस्पतालों में मरीजों व परिजनों की हालत का सही जायजा

शहर के दो बड़े सरकारी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए अलग-अलग नियम हैं। मनपा संचालित स्मीमेर अस्पताल में जहां मरीजों का आसानी से इलाज हो रहा है, वहीं सिविल अस्पताल में अफरा-तफरी मची हुई है। सिविल के कोविड अस्पताल में मरीज और परिजन दोनों परेशान हो रहे हैं। ऐसी हालात हो गए हैं कि परिजन अपने मरीज को डिस्चार्ज करवाना चाह रहे हैं। ऐसा वहां मिस मैनेजमेंट से हो रहा है।

सिविल: मरीजों तक खाना पहुंचने में ही 2-5 घंटे लग रहे, जानकारी भी नहीं दे रहे

1.मुलाकात | सिविल अस्पताल में परिजन को मरीजों से मिलने नहीं दिया जाता। कोरोना वार्ड में भर्ती अपने भतीजे से मिलने आए शिवलाल सिंह ने बताया कि यहां के हालात काफी खराब हैं। किसी भी परिस्थिति में परिजन को मरीज से मिलने नहीं दिया जाता है।

2. खाना | सिविल में भी मरीजों को खाना दिया जाता है। हालांकि परिजन घर का खाना सुबह 9 से 11 बजे और शाम 5 से 7 बजे तक दे सकते हैं। लेकिन यहां परिजनों से खाना रखवा लिया जाता है और उसके बाद उसे मरीजों तक पहुंचाने में दो से पांच घंटे लग जाते हैं।

3.इलाज| मरीज के रिश्तेदार विनोद राणा ने बताया कि उनके साले राजेंद्र राणा को रविवार को ऑक्सीजन पर रखा था। सोमवार सुबह जब बात हुई तब उसने बताया कि कोई इलाज नहीं हो रहा है। सिर्फ ऑक्सीजन पर रखा है। मंगलवार को पता किया तो उसकी मृत्यु हो गई थी।

4.संपर्क | सिविल में भी मरीजों का हाल जानने के लिए हेल्प डेस्क बनाया गया। मरीजों को वार्ड में मोबाइल नहीं ले जाने देते। विनोद राणा ने बताया कि सुबह 9.28 बजे हेल्प डेस्क पर फोन किया था। तो उन्होंने बताया मरीज न तो ठीक है न ही गंभीर है। आगे कुछ नहीं बताया।

5.जानकारी | जफर ने बताया कि मंगलवार देर रात 2.30 बजे उनकी बहन को सिविल अस्पताल लाया गया था। बुधवार दोपहर 2 बजे आए तब उसे अलग-अलग वार्ड में ले जाया जा रहा था। किसी को कुछ पता ही नहीं था कि वह किस वार्ड में भर्ती है।

स्मीमेर: आधे घंटे में खाना पहुंच रहा सही जानकारी भी परिजनों को दे रहे

1.मुलाकात | स्मीमेर अस्पताल में परिजनों को मरीज से मिलने दे रहे हैं। यहां भर्ती अपने 72 वर्षीय पिता से मिलने गए प्रकाश ने बताया कि इसके लिए अनुमति लेनी पड़ती है। उसके बाद पीपीई किट पहनाकर मिला देते हैं।

2.खाना | मरीजों के लिए अंदर खाने के व्यवस्था है। लेकिन अगर परिजन घर का खाना लेकर आते हैं तो शाम 5 बजे से 7 बजे के बीच लिया जाता है और आधे घंटे के अंदर मरीज तक पहुंच दिया जाता है।

3.इलाज | स्मीमेर में इलाज से मरीज और उनके परिजन संतुष्ट नजर आए। प्रकाश का कहना था कि उनके पिताजी का इलाज ठीक से और समय पर हो रहा है। मेरे पिता जी का ऑक्सीजन लेवल बहुत ही कम हो गया था। हालांकि पिछले 11 दिन के इलाज में अब वह नार्मल हो गए हैं।

4.संपर्क | स्मीमेर अस्पताल में मरीज का हालचाल जानने के लिए सामने ही हेल्प डेस्क बनाया गया है। परिजन वहां से दिन में दो बार फोन कर मरीज का हालचाल ले सकते हैं। इसके अलावा मरीजों को वार्ड में मोबाइल ले जाने की इजाजत भी है।

5.जानकारी | ज्यादा भीड़भाड़ और अफरा-तफरी का माहौल नहीं है। यहां परिजनों को अपने मरीज के बारे में पूरी जानकारी आसानी से मिल जाती है। मरीज का इलाज किस वार्ड या रूम में हो रहा है ये सब परिजन आसानी से जान सकते हैं। मरीज के भर्ती होने के साथ ही उसका कमरा, मरीज नंबर और बेड की जानकारी दी जाती है।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आज का दिन मित्रों तथा परिवार के साथ मौज मस्ती में व्यतीत होगा। साथ ही लाभदायक संपर्क भी स्थापित होंगे। घर के नवीनीकरण संबंधी योजनाएं भी बनेंगी। आप पूरे मनोयोग द्वारा घर के सभी सदस्यों की जरूर...

    और पढ़ें