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यूनिवर्सिटी का हाल:महामारी में पढ़ाई से ड्रॉपआउट, खाली सीटें भरना संभव नहीं; कुछ छात्र बाहर चले गए तो कुछ इस साल प्रवेश नहीं लेना चाहते

सूरत8 महीने पहले
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कोरोना महामारी में ऐसा लगता है कि छात्रों का पढ़ाई से मोहभंग हो गया है। साइंस व काॅमर्स में छात्र एडमिशन लेने ही नहीं आ रहे हैं। पहले राउंड में मेरिट बनाने के लिए भी छात्र नहीं बचे। मजबूरन वीर नर्मद दक्षिण गुजरात यूनिवर्सिटी के 15 अक्टूबर से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करने का निर्णय लेना पड़ा।

कॉमर्स व साइंस में प्रवेश लेने के लिए छात्र यूनिवर्सिटी के किसी कॉलेज में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। यह बात जब यूनिवर्सिटी को पता चली तो उसने तय किया है कि प्रवेश के लिए छात्रों का इंतजार करने से अच्छा है पढ़ाई शुरू करवा दी जाए। यूनिवर्सिटी के अधिकारी और डीन का कहना है कि कॉलेजों की मेरिट लिस्ट पूरी हो गई है और अब मेरिट बनाने के लिए किसी भी कॉलेज के पास छात्र ही नहीं हैं।

अब प्रवेश का दूसरा राउंड शुरू करने के लिए यूनिवर्सिटी के पास सीट तो है, लेकिन छात्र नहीं हैं। हालांकि दोबारा आवेदन मंगाए जाएंगे। आमतौर पर पहले राउंड में जिन छात्रों को मेरिट लिस्ट के हिसाब से प्रवेश नहीं मिलता उन्हें दूसरे राउंड में शामिल कर लिया जाता है, लेकिन इस बार छात्र बचे ही नहीं हैं।

यूनिवर्सिटी को अब इंतजार कि दूसरे राउंड में कुछ छात्र आ जाएं
यूनिवर्सिटी में अब दूसरा राउंड कब शुरू होगा इस बात की जानकारी किसी को नहीं है। निजी कॉलेजों को उम्मीद है कि दूसरे राउंड में शायद उन्हें कुछ छात्र मिल जाएं क्योंकि अभी साइंस के छात्रों के लिए इंजीनियरिंग और मेडिकल की प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। इनमे जो छात्र प्रवेश नहीं लेंगे वे दूसरे राउंड में प्रवेश के लिए सामने आ सकते हैं।

साइंस: 10700 सीटों पर 11500 आवेदन पर 7000 छात्रों ने ही लिया प्रवेश
वीर नर्मद यूनिवर्सिटी से संलग्न साइंस कॉलेजों की हालत यह है कि प्रवेश देने के लिए छात्र ही नहीं बचे हैं। यूनिवर्सिटी के मुताबिक साइंस में कुल 10700 सीटें हैं। 11500 आवेदन मिले थे। इनमें से 7 हजार सीटों पर छात्रों ने प्रवेश कन्फर्म कराया है। अभी भी लगभग 3700 सीटें खाली हैं।

यूनिवर्सिटी ने कॉलेजों को जो मेरिट लिस्ट दी थी उसके मुताबिक छात्रों को बुलाकर प्रवेश देना था। मेरिट लिस्ट की संख्या पूरी हो चुकी है और यूनिवर्सिटी के पास छात्र नहीं बचे कि उन्हें प्रवेश के लिए और नाम दे सके। इस कारण यूनिवर्सिटी ने कॉलेजों को मना कर दिया है।

कॉमर्स: 28550 सीटें, 23900 आवेदन आए पर 19000 ने ही लिया प्रवेश
सूरत सहित दक्षिण गुजरात के कॉमर्स कॉलेजों में कुल 28550 सीटें हैं। इस वर्ष प्रवेश के लिए कुल 23900 छात्रों ने आवेदन किया था। इनमें से लगभग 19000 छात्रों ने प्रवेश कन्फर्म करवाया है। अभी भी लगभग 9550 सीटें खाली हैं। अब इन सीटों को भरना मुश्किल लग रहा है।

यूनिवर्सिटी और कॉलेज यह मान चुके हैं कि अब छात्र प्रवेश के लिए नहीं अाएंगे। इंतजार करने से अच्छा है कि पढ़ाई शुरू कर दी जाए। निजी कॉलेजों को अब छात्रों के आने की उम्मीद नहीं है। यूनिवर्सिटी ने भी आगे से अब दूसरे राउंड में छात्रों को बुलाने के लिए कोशिश करने के लिए कहा है।

कॉलेजों में अब छात्रों को प्रवेश देने के लिए मेरिट लिस्ट ही नहीं बची है। जानकारी के मुताबिक ग्रांटेड कॉलेजों में अब भी सबसे ज्यादा सीटें खाली हैं। इन्हें भरा जाना अभी संभव नहीं है, इसलिए पढ़ाई शुरू करवाना ही एकमात्र उपाय बचा है। इसकी वजह यह है कि कई सारे छात्र यहां नहीं हैं। दूसरी तरफ छात्र अन्य शाखाअों में प्रवेश लेने के लिए कोशिश कर रहे हैं।
भाविन नायक, डीन, साइंस विभाग, वीएनएसजीयू

अधर में 20 हजार छात्र, प्रवेश लें या तैयारी करें

जांचने को कॉपी ले गए कॉलेज लौटा नहीं रहे, ग्रेजुएशन के रिजल्ट अटके

वीर नर्मद दक्षिण गुजरात यूनिवर्सिटी ग्रेजुएशन के एक्सटर्नल और रेगुलर के 20,000 से ज्यादा छात्रों की परीक्षा के परिणाम जारी ही नहीं कर पा रही है। इसका कारण यह है कि जिन्हें जांचने की जिम्मेदारी दी गई थीं उन्होंने अब तक काॅपियां ही नहीं लाैटाई हैं। यूनिवर्सिटी ने इस बार कोविड-19 की वजह से कॉलेजों को जिम्मेदारी सौंपी थी कि वे अपने प्रोफेसरों से कॉपियों की जांच करवाएं।

सीरियल नंबर के मुताबिक हर कॉलेज को कॉपियों का बंडल पहुंचाया गया था। कॉलेजों ने अब तक कॉपियां यूनिवर्सिटी में जमा नहीं करवाई हैं। यूनिवर्सिटी का कहना है काॅपियां नहीं मिलने से परिणाम जारी करने में देरी हो रही है। अब यूनिवर्सिटी प्रोफेसर और कॉलेजों को मैसेज-ईमेल करके कॉपियां पहुंचाने के लिए कह रही है।

परिणाम नहीं आने से छात्र एडमिशन नहीं ले पा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि हम जल्द परिणाम जारी करने की कोशिश कर रहे हैं। पोस्ट ग्रेजुएशन व अन्य विभागों के ज्यादातर परिणाम जारी किए जा चुके हैं।

हमने काॅलेजों-प्रोफेसरों को मैसेज और मेल कर काॅपियां भेजने को कहा है
वीर नर्मद यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग के अधिकारी आरसी गढवी ने बताया कि प्रोफेसरों को मैसेज और मेल कर दिया गया है। मैसेज के बाद ज्यादातर प्रोफेसरों ने कॉपियां जमा करवा दी हैं। पोस्ट ग्रेजुएशन के अलग-अलग विभागों के साथ अन्य कई विभागों के परिणाम जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही ग्रेजुएशन के भी परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

जल्द से जल्द परिणाम घोषित किए जाएंगे
हमने इस मामले को गंभीरता से लिया है। सभी कॉलेजों को इस संबंध में जानकारी भेजी जा चुकी है। जल्द से जल्द परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
हेमाली देसाई, इंचार्ज कुलपति, वीर नर्मद यूनिवर्सिटी

छात्र इस असमंजस में हैं कि परीक्षा की तैयारी करें या एडमिशन का इंतजार करें
इस बार परीक्षा भी देरी से हुई थी और अब परिणाम जारी करने में भी काफी देर हो चुकी है। छात्रों को परिणाम का इंतजार है। परिणाम आने के बाद ही वे तय कर पाएंगे कि क्या करना है। छात्रों को है चिंता है कि अगर उनका परिणाम सही नहीं आया और दोबारा परीक्षा देनी पड़ी तो तैयारी के लिए बहुत कम समय मिलेगा। एडमिशन को लेकर भी छात्र असमंजस में हैं।

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