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  • Due To The Negligence Of The Police, The Person Who Took The Exam Instead Of His Brother Got Only One Year's Sentence.

तकनीकी परीक्षा में गडबड़ी में सख्ती:पुलिस की लापरवाही से भाई की जगह परीक्षा देने वाले को केवल 1 साल की सजा

सूरतएक महीने पहले
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वर्ष 2017 में अठवालाइंस के एक्सपेरिमेंट स्कूल में कर्मचारी चयन आयोग द्वारा ली गई गैर तकनीकी परीक्षा में अपने भाई की जगह परीक्षा देने वाले आरोपी काे कोर्ट ने एक साल की सजा सुनाई है। इस केस में जांच अधिकारी ने कई गड़बड़ियां की। प्रवेश पत्र पर फोटो और उम्मीदवार के चेहरे में काफी फर्क होने पर डमी विद्यार्थी का भांडा फूट गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोई ने आरोपी को प्रोबेशन का लाभ देने से इनकार कर दिया था।

14 मई 2017 को कर्मचारी चयन आयोग द्वारा मल्टी-टास्किंग गैर-तकनीकी परीक्षा का आयोजन किया गया था। उम्मीदवार जोगिंदरसिंह पुत्र रामकिशन की जगह डमी उम्मीदवार के रूप में आरोपी पारसकुमार रणबीर सांधवा परीक्षा देने गया था। इसी बीच परीक्षक दिलीप परमार ने स्कूल की प्रिंसिपल मीनाक्षी बखारिया को बताया कि उम्मीदवार का चेहरा प्रवेश पत्र में लगी फोटो से मैच नहीं हो रही है। जिसके बाद अधिकारी परीक्षा खंड में जाकर पारस से पूछताछ की थी। इस बीच पारस ने बताया कि वह अपने भाई की जगह परीक्षा दे रहा है।

पुलिस ने कहां-कहां भूल की

वैसे तो सबूत के आधार पर कोर्ट ने आरोपी काे सजा सुनाई है, पर ट्रायल के दौरान पुलिस ने कई गड़बड़ियां की। बचाव पक्ष ने इसी का फायदा उठाना चाहा। जांच अधिकारी ने इस केस से जुड़ा कोई भी सबूत जब्त नहीं किया था। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज भी नहीं लिए गए थे।

जोगिंदर के उम्मीदवार होने का दस्तावेज भी जब्त नहीं किया था। इस मामले में जोगिंदर का बयान भी नहीं लिया गया था। पुलिस ने एफएसएल की रिपोर्ट भी पेश नहीं की थी। प्रवेश पत्र पर चस्पाई गई फोटो परीक्षा देने वाले उम्मीदवार के चेहरे से अलग थी। आरोपी के पास से एडमिशन सर्टिफिकेट और काॅल लेटर जब्त किए गए थे।

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