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सूरत के व्यापारी निराश:दक्षिण के राज्यों में घटी डाइड कपड़ों की मांग, स्टॉक करने वाले व्यापारी चिंतित

सूरत7 दिन पहले
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  • बदलते फैशन से डोप डाइड और रेपियर मशीन पर बने कपड़ों की मांग बढ़ी

मंदी के बाद त्योहारों के दिनों में दक्षिण भारत के राज्यों में अच्छे व्यापार की उम्मीद से डाइड वर्क के कपड़े स्टॉक करने वाले व्यापारियों को इन दिनों निराशा का सामना करना पड़ रहा है। इन जगहों पर अगस्त से लेकर दिवाली तक दक्षिण भारत के राज्यों में डाइड प्रिंट के कपड़ों की अच्छी डिमांड रहती थी। लेकिन बदलते फैशन के साथ इसमें कमी आ रही है।

वहीं अब डाइड के कपड़ों के स्थान पर डोप डाइड और रेपियर मशीन पर बने कपड़ों की मांग बढ़ी है। दिवाली, दुर्गापूजा और लग्न के कारण बाजार में सभी प्रकार के कपड़ों की खरीद चल रही है। साड़ी और ड्रेस मटीरियल्स दोनों में ही व्यापारियों को कारोबार अच्छा रहने की उम्मीद है। अन्य मंडियों के व्यापारियों का आवागमन भी सूरत की मंडी में शुरू हो गया है।

इसके बावजूद सूरत के व्यापारी निराश हैं। दक्षिण भारत में डाइड कपड़ों पर वर्क और प्रिंट कपड़ों की अच्छी मांग रहती है। लेकिन इस साल डाइड कपड़ों की मांग बीते वर्षों से कम है। हालांकि प्रिंट वर्क चल रहा है। कपड़ा व्यापारी हरीश शाहू ने बताया कि आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, केरल आदि राज्यों में डोप डाइड के स्थान पर हैंडलूम कपड़ों और रेपियर मशीन पर बनने वाले कपड़ों पर प्रिंट की मांग बढ़ी है।

वहीं व्यापारी दिलीप गोटी ने बताया कि कोरोना के बाद लगातार डाइड कपड़ों की मांग घट रही है। इन दिनों डोप डाइड कपड़ों की मांग अच्छी है। यह कीमत में भी सस्ती होने के कारण लोगों की पसंद हैं।

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