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  • Even Before The Complaint Reached, Two Private Hospitals Returned More Money For Corona Treatment, Victims Will Be Able To Complain In Their Zone

गठन के एक माह बाद कमेटी की पहली बैठक:शिकायत पहुंचने से पहले ही दो निजी अस्पतालों ने कोरोना इलाज में लिए ज्यादा रुपए लौटाए, पीड़ित अपने जोन में कर सकेंगे शिकायत

सूरत9 महीने पहले
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कोरोना के मरीजों के इलाज में ज्यादा बिल वसूलने वाले दो निजी अस्पतालों ने मनपा के पास शिकायत पहुंचने से पहले ही रुपए वापस कर दिए। ये दोनों अस्पताल सेंट्रल जोन के रिंग रोड पर स्थित हैं। इनमें से एक अस्पताल ने 20 हजार और दूसरे ने 7500 रुपए वापस किए।

कोरोना के दाैरान सरकारी अस्पतालों में बेड की कमी को देखते हुए मनपा ने निजी अस्पतालों से करार किया था। कुछ निजी अस्पतालों से कोरोना मरीजों के इलाज का 1 लाख से 52 लाख रुपए तक का बिल बनाया था। करार के मुताबिक इन अस्पतालों को किफायती दर पर इलाज करना था, लेकिन आपदा में अवसर देखकर उन्होंने मरीजों को जितना हो सका लूटा।

पार्षद ने उठाया मुद्दा तो स्थायी समिति ने गठित की थी कमेटी
निजी अस्पतालों की लूट का मुद्दा सबसे पहले एक पार्षद ने मनपा की स्थायी समिति में उठाया। समिति ने इसकी जांच के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया। गठन के एक माह बाद बुधवार को इस कमेटी की बैठक हुई। कमेटी के सदस्य व्रजेश उनडकट ने बताया कि 2 अस्पतालों ने ज्यादा लिए पैसे लौटाए हैं।

निजी अस्पतालों की अवैध वसूली की मनपा कमेटी कर रही जांच
जांच कमेटी में मनपा के स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉक्टर प्रदीप उमरीगर, डॉ. विपुल श्रीवास्तव, कंसल्टेंट एसोसिएशन की ओर से डॉ. प्रशांत देसाई, महेंद्र चौहान और स्थायी समिति की ओर से पार्षद व्रजेश उनडकट और धर्मेश भलाला शामिल हैं। बैठक में कहा गया कि पीड़ित अब जोन में शिकायत कर सकते हैं।

कमेटी की बैठक में हुए ये निर्णय व चर्चा

  • अब तक पीड़ित मनपा मुख्यालय में स्थित स्वास्थ्य विभाग में ही शिकायत कर सकते थे। अब सभी जोन के डिप्टी हेल्थ ऑफिसर के पास शिकायत कर सकेंगे। शिकायत के साथ अस्पताल का बिल देना होगा। बीमा क्लेम को लेकर समस्या है तो उसके कागज भी बिल के साथ जोड़ें।
  • शिकायत आने से पहले 2 लोगों से सेटलमेंट हुआ। रिंग रोड के एक अस्पताल ने 20 हजार, दूसरे ने 7500 रुपए वापस किए।
  • कोरोना महामारी की शुरुआत में सिर्फ मिशन, ट्राई स्टार और महावीर अस्पताल में ही इलाज शुरू किया गया था। उसके बाद मामले तेजी से बढ़ने पर अधिकतर निजी अस्पतालों में कोरोना का इलाज हो इसके लिए राज्य सरकार ने जो रेट तय किए थे, मनपा ने उससे 25 फीसदी अधिक के साथ करार किया था। अब कमेटी 25 फीसदी अधिक रेट के प्रस्ताव को रद्द करने के लिए स्थायी समिति में बात रखेगी। कमेटी के सदस्य पार्षद वृजेश उनडकट ने कहा कि निजी अस्पतालों ने जो ज्यादा पेसे लिए हैं उसे वसूल किया जाएगा।
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