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सड़कों पर पढ़ता भविष्य:केंद्र शासित प्रदेश दानह में चाइनीज फूड-अंडे की लॉरियों और बस स्टैंड में चल रही है ‘प्री टेस्ट परीक्षा’, व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

सिलवासा3 महीने पहले
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अंडे की लॉरियों के पास बैठकर कक्षा 2 से 8 के बच्चे दे रहे एग्जाम। - Dainik Bhaskar
अंडे की लॉरियों के पास बैठकर कक्षा 2 से 8 के बच्चे दे रहे एग्जाम।

केंद्र शासित प्रदेश दादरा नगर हवेली में प्राथमिक स्कूल के बच्चों की प्री टेस्ट परीक्षा चाइनीज और अंडे की लॉरियों पर चलाई जा रही है। दरअसल, दानह में प्राथमिक शिक्षा विभाग ने बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता की जांच के लिए ब्रिज कोर्स के तहत प्री-टेस्ट परीक्षा शुरू की है। ये परीक्षा स्कूल में नहीं, बल्कि बच्चों के घरों के अगल-बगल में कहीं भी खुले स्थान पर ली जा रही है।

कक्षा 2 से 8 तक के शिक्षकों को अलग-अलग इलाकों में भेजकर उनकी देखरेख में ये परीक्षाएं ली जा रही हैं। इसी के चलते सिलवासा में बीते दो दिनों से चाइनीज और अंडे की लॉरियों सहित गायत्री मंदिर ग्राउंड और विभिन्न सोसाइटियों में बच्चे खुले में बैठकर प्री टेस्ट की परीक्षा दे रहे हैं। जबकि इच्छानुसार कुछ बच्चे अपने घर पर ही पेपर ले जाकर दूसरे दिन सब्मिट कर रहे है।

परीक्षा बच्चों के घरों के अगल-बगल में कहीं भी खुले स्थान पर ली जा रही है।
परीक्षा बच्चों के घरों के अगल-बगल में कहीं भी खुले स्थान पर ली जा रही है।

इस तरह खुली सड़कों पर कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन कर बच्चों की भीड़ के बीच परीक्षा लेने का दृश्य देखकर प्रदेश में हर कोई हैरान है। लोगों का कहना है कि प्रशासन के पास समुचित व्यवस्था है, जहां कोरोना गाइडलाइन के अनुसार परीक्षाएं ली जा सकती हैं, लेकिन जिम्मेदारो का ये रवैया बहुत चौंकाने वाला है।

इसलिए करवाए जा रहे बच्चों के एग्जाम
कई स्टूडेंट्स सेलफोन की समस्या के कारण ऑनलाइन शिक्षा नहीं ले पा रहे हैं। ऐसे छात्रों के लिए आयोजित ब्रिज कोर्स के लिए पहले छात्रों की प्री-परीक्षा ली जा रही है, जिसमें पढ़ाई में कमजोर बच्चे की एक महीने तक दोबारा पढ़ाई करवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि एक भी छात्र पढ़ाई में कमजोर न हो और अगली कक्षा में पढ़ाने में कोई दिक्कत न हो, इसी के चलते उनके एग्जाम लिए जा रहे हैं।

सरकारी बस स्टैंड के हॉल में बैठकर एग्जाम देते हुए बच्चे।
सरकारी बस स्टैंड के हॉल में बैठकर एग्जाम देते हुए बच्चे।

स्कूल बुलाकर करवाई जाए पढ़ाई
बच्चों को बस स्टॉप या सार्वजनिक स्थानों पर ब्रिज कोर्स के तहत इस तरह से शिक्षा दिए जाने की चारों तरफ आलोचना हो रही है। न केवल माता-पिता बल्कि बस स्टैंड पर आने-जाने वाली यात्री भी फैसले का विरोध कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस तरह छात्रों की जान खतरे में डालने के बजाय उन्हें स्कूल बुलाकर पढ़ाया जाना चाहिए।

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