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सावन में मेहरबान इंद्रदेव:संघ शासित प्रदेश दमन दीव में तालाब, चेकडेम और कुएं के जलस्तर में हो रही वृद्धि, खरीफ की फसलों को मिली राहत

सिलवासा9 महीने पहले
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पिछले 3-4 दिन से धीमे-धीमे हो रही बारिश ने जिले के किसानों की मंशा पूरी कर दी है। - Dainik Bhaskar
पिछले 3-4 दिन से धीमे-धीमे हो रही बारिश ने जिले के किसानों की मंशा पूरी कर दी है।

संघ शाषित प्रदेश दमन दीव में सावन में खुशियों की बरसात हो रही है। मंद गति से जारी बारिश से शेल्टी, रूदाना, तलावली, उमरवरणी, बेड़पा, बेसछा, चिसदा, खेड़पा, सिंदोनी, वांसदा, करचौंद, मेढ़ा, वाघचौड़ा, अंबाबारी, खेरड़ी के तालाब, चेकडेम और कुएं के जलस्तर में वृद्धि हो गई है। दूधनी जलाशय में जलस्तर 30 मीटर ऊंचाई तक पहुंच गया है। इससे पेयजल और सिंचाई की किल्लत दूर होती नजर आ रही है।

इस साल मानसून कमजोर रहने से नदी-नालों का जलस्तर सामान्य चल रहा है।
इस साल मानसून कमजोर रहने से नदी-नालों का जलस्तर सामान्य चल रहा है।

पिछले 3-4 दिन से धीमे-धीमे हो रही बारिश ने किसानों की मंशा पूरी कर दी है। मंगलवार को सवेरे से दोपहर बाद तक बादल मंद गति से बरसते रहे। बारिश से तापमान में काफी गिरावट आई है। मांदोनी के पूर्व उपसरपंच सावजी गरेल ने बताया कि बीते वर्ष से इस साल बारिश कम हैं, लेकिन रोजाना की बारिश से खरीफ की फसलों की प्यास मिट गई है।

गांवों में लोग जल शक्ति अभियान का महत्व समझे हैं। किसानों ने बारिश से पहले आसपास के तालाब व जलाशयों की साफ सफाई व टूटी दीवारों की मरम्मत कर ली थी। क्षेत्र के किलवणी रांधा, मोरखल, गलौंडा, खेरड़ी, खानवेल, खुटली, मांदोनी, सिंदोनी, दुधनी, कौंचा में गौचरण व सरकारी जमीन में 120 से अधिक तालाब हैं, जो पानी से आधे भर गए हैं। सावन की बारिश से कुंओं में मौजूद जल भंडार में भारी वृद्धि हुई है। जिससे भूजल की गिरावट पर रोक लगेगी।

इस साल मानसून कमजोर रहने से नदी-नालों का जलस्तर सामान्य चल रहा है। दमणगंगा के प्रवाह में गिरावट आई है। अथाल ब्रिज पर नदी का जलस्तर गिरकर 27 मीटर दर्ज किया गया है। बाढ़ नियंत्रण केन्द्र के अनुसार मधुबन डेम का जलस्तर 75 मीटर ऊंचाई को छूने लगा है। अब तक शहर में 1150 व खानवेल में 1525 मिमी बारिश हुई है, जो अन्य वर्षों से काफी पीछे हैं।

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