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गुजरात में लव-जिहाद का पहला केस:वडोदरा में ईसाई नाम रखकर हिंदू लड़की को प्रेमजाल में फंसाया, धर्म परिवर्तन के लिए नहीं मानी तो करने लगा मारपीट

वडोदराएक महीने पहले
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आरोपी समीर अब्दुल कुरैशी, जिसने अपना नाम सैम बताकर की थी पीड़िता से दोस्ती। - Dainik Bhaskar
आरोपी समीर अब्दुल कुरैशी, जिसने अपना नाम सैम बताकर की थी पीड़िता से दोस्ती।

गुजरात सरकार द्वारा लव जिहाद कानून लागू करने के तीसरे ही दिन आज वडोदरा के गोत्री पुलिस थाने में पहला मामला दर्ज हुआ है। शिकायत वाली पीड़िता का कहना है कि आरोपी समीर अब्दुल कुरैशी ने खुद को ईसाई बताकर उसे अपने प्रेम जाल में फंसाया था। इसके बाद उससे जबरन शारीरिक संबंध बनाने के बाद निकाह कर लिया था। निकाह के बाद से ही धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाल रहा था। न मानने पर उसके साथ मारपीट कर रहा था। पुलिस ने आरोपी को अरेस्ट कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

कोर्ट मैरिज के बाद मस्जिद में ले जाकर जबरन पढ़वाया निकाह।
कोर्ट मैरिज के बाद मस्जिद में ले जाकर जबरन पढ़वाया निकाह।

सोशल मीडिया के जरिए हुई थी मुलाकात
पीड़िता ने दर्ज शिकायत में कहा है कि समीर से उसकी मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। उस समय समीर ने अपनी प्रोफाइल में खुद का नाम सैम लिख रखा था। दोस्ती होने के बाद दोनों की मुलाकातें होने लगीं और दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया। इसी दौरान समीर ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इससे वह दो बार गर्भवती हुई और दोनों बार समीर ने उसका गर्भपात करा दिया।

कोर्ट मैरिज के बाद ले गया मस्जिद
इसके बाद समीर ने उसके साथ कोर्ट मैरिज की। इसके कुछ दिनों बाद फिर वडोदरा की एक मस्जिद में ले गया और वहां मौजूद दो लोगों ने जबरन निकाह पढ़ दिया। इसके बाद समीर ने अपनी पहचान बताई और उस पर भी धर्म परिवर्तन का दबाव डालने लगा। जब पीड़िता ने उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने की बात कही तो उसके साथ मारपीट करने लगा। पीड़िता ने बताया कि वह किसी तरह उसके चंगुल से भागकर सीधे गोत्री पुलिस थाने पहुंची और मामला दर्ज करवाया।

गोत्री पुलिस थाने की फाइल फोटो।
गोत्री पुलिस थाने की फाइल फोटो।

गुजरात में 15 जून से लागू हुआ कानून
यूपी और मध्य प्रदेश के बाद अब गुजरात सरकार ने भी लव जिहाद कानून 15 जून से लागू कर दिया है। गुजरात धर्म की स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक, 2021 को विधानसभा में 1 अप्रैल को बहुमत से पारित किया गया था। इसे गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने मई में मंजूरी दे दी थी। गुजरात धर्म की स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक, 2021 के तहत शादी के जरिए जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर सख्त सजा का प्रावधान रखा गया है। इस कानून के तहत 5 से 7 साल तक की सजा व 2 लाख रुपए का प्रावधान है। साथ ही अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के लिए 7 साल की जेल का प्रावधान किया गया है। गृह मंत्री प्रदीपसिंह जडेजा ने कहा कि लव-जिहाद के अलावा क्लीनिकल एस्टैब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड रेग्युलेशन) विधेयक को भी मंजूरी दी गई है।

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