अंडरग्राउंड सेक्शन:अंडरग्राउंड मेट्रो रूट परियोजना के लिए सूरत लाई गई पहली टीबीएम मशीन

सूरत6 महीने पहले
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  • अगस्त से दिसंबर महीने तक इस मशीन की टेस्टिंग की जाएगी

सूरत मेट्रो परियोजना का काम शुरू हो चुका है। एलिवेटेड रूट के लिए पाइलिंग भी शुरू है, जबकि अब पहली बार सूरत मेट्रो परियोजना के अंडरग्राउंड सेक्शन के लिए दिल्ली से टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) मंगाई गई है। यह पहला टीबीएम मशीन है, जबकि अभी तीन और आएंगे। पहले फेज के लाइन-1 में ड्रीम सिटी से कादरशाह की नाल तक 11.6 मीटर एलिवेटेड मार्ग, जबकि चौक बाजार से सूरत स्टेशन तक 3.47 किमी अंडरग्राउंड मार्ग का निर्माण किया जाना है। एलिवेटेड रूट पर सद्भाव एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी काम कर रही है। अंडरग्राउंड मार्ग पर जे कुमार इंफ्राप्रॉजेक्ट द्वारा काम होगा।

जे कुमार द्वारा पहले टीबीएम को 28 अप्रैल शाम सूरत लाया गया। इसे दिल्ली से मंगाया गया है। टेराटेक का यह टीबीएम मशीन दिल्ली मेट्रो फेज-3 के अंडरग्राउंड सेक्शन का काम पूरा कर चुका है। सूरत के वातावरण के अनुकूल है मशीन सूरत मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एसएमआरसी) के अधिकारियों ने बताया कि यह मशीन कई हिस्सों में सूरत आया है।

इसके लिए एसेंबलिंग टेक्निकल एक्सपर्ट टीम भी सूरत आई है जो तीन महीनों में इस मशीन को जोड़कर आकार देगी। यह सूरत के मिट्टी और वातावरण के अनुकूल है। अगस्त से दिसंबर तक इस मशीन की टेस्टिंग होगी। इसके बाद जनवरी 2022 से यह जमीन के 16 से 28 मीटर गहराई में 6.5 मीटर के व्यास में जमीन को काटते हुए आगे बढ़ेगी। कटाई के साथ यह कंक्रीटिंग लेयर भी बनाती चलेगी, जिससे एक मीटर का लेयर होगा। लेयर लगने के बाद यह व्यास 5. 6 मीटर हो जाएगी।

तीन टीबीएम और आएंगे
एसएमआरसी ने बताया कि अभी तीन टीबीएम मशीन और आएंगे। इसमें एक मुंबई से और चेन्नई से और एक विदेश से आएगी। सूरत अंडरग्राउंड मार्ग में चौक बाजार, मस्क़ति हॉस्पिटल, लाभेश्वर और सूरत स्टेशन कुल चार स्टेशन बनने हैं। अभी कुल 6 महीने लगेंगे। इस दौरान इसकी टेस्टिंग भी होगी। टेस्टिंग के बाद इसे अगले साल जनवरी महीने तक अंडरग्राउंड लांच किया जाएगा। कुल एक साल टनलिंग प्रक्रिया में लगेगा यानि साल 2023 में यह टनल बनकर तैयार हो जाएगा, फिर टनल के अंदर लाइन बिछेगी।

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