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लॉकडाउन / ईंधन की खपत घटी, पहले रोज 3.5 लाख लीटर बिकता था पेट्रोल, अब 60 हजार लीटर बिक रहा, डीजल भी कम खरीद रहे लोग

Fuel consumption decreased, petrol was sold 3.5 lakh liters daily, now 60 thousand liters are being sold, people are also buying diesel less
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Fuel consumption decreased, petrol was sold 3.5 lakh liters daily, now 60 thousand liters are being sold, people are also buying diesel less

  • शहर में लगभग 60 पेट्रोल पंप, लेकिन सड़कों पर वाहन नहीं निकलने से पेट्रोल-डीजल भराने कम आ रहे लोग
  • गाड़ियां बंद होने के बाद से सीएनजी की मांग में भी आई है गिरावट, सख्ती के चलते सूरत में सबसे कम खपत

दैनिक भास्कर

Mar 27, 2020, 11:51 AM IST

सूरत. कोरोनावायरस से देशभर में लॉकडाउन लागू होने के बाद लोगों का बाहर निकलना बहुत ज्यादा हद तक बंद हो गया है। इसका प्रभाव पेट्रोलियम के व्यवसाय पर पड़ा जो सूरत शहर में भी देखने को मिला है। लॉकडाउन से सूरत शहर और जिले में पेट्रोल तथा डीजल की खपत में भारी गिरावट देखने को मिली है। पांच दिन पहले तक पूरे सूरत में पेट्रोल और डीजल की खपत लाखों लीटर की थी जो अब हजारों तक आ गई है। वहीं गाड़ियां बंद होने के बाद से सीएनजी के डिमांड में भी गिरावट आ गई है। पेट्रोल पंप एसोसिएशन के प्रेजिडेंट सुरेश देसाई का कहना है कि शहर भर में करीब 60 पेट्रोल पंप हैं जिनमें से रोजाना 3 लाख लीटर पेट्रोल और 2.50 लाख लीटर डीजल की खपत होती थी लेकिन अब बहुत कम हो गई है।

शहर में अब 15 से 17 प्रतिशत पेट्रोल की खपत 
देसाई ने बताया कि पहले पेट्रोल की खपत तीन से 3.50 लाख लीटर हो जाती थी जो अब करीब 60 हजार लीटर तक हो गई है। रोजाना के मुकाबले पेट्रोल की खपत 15 से 17 प्रतिशत हो गई है। वहीं रूरल इलाके में पेट्रोल की खपत 36 हजार लीटर की है जो रोजाना के मुकाबले 10 से 12 प्रतिशत है।

डीजल बहुत कम भरवा रहे लोग
पेट्रोल पंप कर्मी सूरज तिवारी ने बताया कि पहले पेट्रोल की बिक्री रोज 5000 लीटर की होती थी जो अब 800 से 900 लीटर हो गई है। डीजल की खपत 3000 से 4000 लीटर थी जो अब 40 से 50 लीटर हो गई है।

डीजल की खपत में गिरावट
रोज 2.50 से तीन लाख लीटर डीजल की खपत पूरे शहर में होती थी जो अब 25 हजार लीटर तक आ गई है। रूरल इलाके में इसकी खपत 30,000 लीटर की है जो 10 से 12 प्रतिशत है। 

सूरत में सबसे कम खपत 
देसाई ने बताया कि गुजरात राज्य में सूरत के आसपास के सभी इलाकों में सूरत में ही पेट्रोल डीजल की सबसे कम खपत है। सूरत में लॉकडाउन बहुत सख्ती से लागू हुआ है जिससे लोग बहुत कम बाहर आ रहे हैं।

पेट्रोल के दाम में गिरावट नहीं होगी 
सुरेश देसाई का कहना है कि जब लॉकडाउन ख़त्म होगा लोग दोबारा पेट्रोल और डीजल की तरफ रुख कर ही लेंगे। इसलिए इस लॉकडाउन से पेट्रोल, डीजल के दामों में कमी नहीं आएगी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रति बैरल रेट में कमी आए तो भाव कम हो सकता है। 

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