किसान भगवान भरोसे:सरकार ने पहले सिंचाई के लिए पानी देने की घोषणा की, अब लिया यू टर्न

अहमदाबाद9 महीने पहले
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उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने किसानों की सिंचाई के लिए डैम से पानी देने की घोषणा की थी। - Dainik Bhaskar
उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने किसानों की सिंचाई के लिए डैम से पानी देने की घोषणा की थी।
  • डैम में पानी ज्यादा होने पर ही सिंचाई को पानी

राज्य में मानसून ठहर गया है। वर्तमान में राज्य में 50 फीसदी बारिश कम हुई है। बारिश नहीं होने पर किसानों की चिंता बढ़ गई है। सिंचाई में पानी के लिए किसान वर्ग बिजली पर निर्भर है। वहीं दूसरी ओर राज्य के जलाशयों में भी लगभग 30 फीसदी ही पानी बढ़ा है। ऐसे में किसानों की फसल बचाने के लिए सरकार घोषणा कर वापस यू टर्न ले रही है। हालहीं में गांधीनगर में उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने प्रेस कांफ्रेंस कर किसानों की सिंचाई के लिए डैम से पानी देने की घोषणा की थी।

उनकी इस घोषणा के बाद किसानों में उम्मीद जगी थी, लेकिन गोधरा में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नितिन पटेल ने यू टर्न लिया है। डैम में पानी अधिक होगा तभी सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध किया जा सकेगा। उप मुख्यमंत्री ने ऐसी घोषणा की थी कि खरीफ फसल बचाने के लिए डैम से सिंचाई का पानी छोड़ा जाएगा। डैम में पानी छोड़े जाने पर राज्य में कुल 5 लाख हेक्टयर जमीन को सिंचाई के पानी का लाभ मिलेगा। डिप्टी सीएम द्वारा अपनी घोषणा पर यू टर्न लिए जाने के बाद किसानों में चिंता बढ़ गई है।

इस साल कम बारिश के कारण डैम खाली
राज्य में इस साल कम बारिश हुई है जिससे डैम की स्थिति भी चिंताजनक है। जिससे खरीफ फसल पर संकट हाेने के कारण किसान चिंताग्रस्त है। गोधरा में स्वातंत्र्य दिवस पर सिंचाई का पानी उपलब्ध कराने को लेकर उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने बताया कि डैम में संग्रहित पानी का जत्था पीने के पानी के लिए रिजर्व रखा जाएगा।
सिंचाई का पानी तभी मिल सकेगा, जब डैमों में पानी का जरूरी जत्था होगा। अभी तो राज्य के डैमों में सिर्फ 30 से 35 फीसदी ही पानी का जत्था है। उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा कि पूरे साल का पानी का जत्था रिजर्व रखना होगा इसके बाद फिर अतिरिक्त पानी सिंचाई के लिए दिया जा सकेगा।

डिप्टी सीएम ने किसानों के लिए की थी ऐसी घोषणा
साैराष्ट्र के 141 डैम में से 88 डैम में से सिंचाई का पानी उपलब्ध होगा। परिणाम स्वरूप 60 हजार हेक्टयर जमीन को लाभ मिलेगा। धरोई डैम का पानी 15 हजार हेक्टयर जमीन को मिलेगा। मध्य गुजरात में कडाणा डैम से 6 हजार क्यूसेक पानी सिंचाई के लिए उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया था। पानम सहित 11 डैम में से 2.10 लाख हेक्टयर जमीन को सिंचाई का पानी उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी। राज्य सरकार की इस किसानलक्ष्यी घोषणा के चलते किसान वर्ग खुश हो गया था लेकिन अब सरकार ने इस मामले में यू टर्न ले लिया है।

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