नाबालिग से दुष्कर्म / गवाहों के मुकर जाने पर सरकारी अधिकारी को गवाह बनाया जा सकता है

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  • 5 साल में राज्य में दुष्कर्म की 6116 घटनाएं, इनमें से 3486 नाबालिग के साथ हुई

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 04:30 AM IST

अहमदाबाद. (मितेश ब्रह्मभट्ट) नाबालिग से दुष्कर्म की घटनाओं में अब गवाह के रूप में निजी व्यक्ति को नहीं रखा जा सकता। केवल सरकारी बाबूओं, अधिकारियों को ही गवाह बनाया जा सकता है। ऐसा इसलिए किया गया है कि ऐसे मामलों पर ऐन वक्त पर अक्सर गवाह मुकर जाते हैं। जिससे आरोपी को उचित सजा नहीं मिल पाती।11 जून 2020 को गृह राज्य मुख्य सचिव की अध्यक्षता में नाबालिग से हुई दुष्कर्म की घटनाओं के संबंध में मीटिंग हुई।

इसमें ऐन वक्त पर गवाहों के मुकर जाने से आरोपियों को उचित सजा नहीं मिल पाती, इस पर चर्चा हुई। इसलिए ऐसे मामलों में निजी व्यक्ति के अलावा गवाह के रूप में सरकारी बाबूओं, अधिकारियों को ही रखने का निर्णय लिया गया। इस संबंध में सीआईडी क्राइम के अनिल प्रथम ने सभी पुलिस कमिश्नर, रेंज डीआईजी और जिला पुलिस अधीक्षक को परिपत्र जारी किया है। गुजरात में 5 सालों में दुष्कर्म की 6116 घटनाएं दर्ज हुई हैँ। इसमें से 6486 घटनाओं में नाबालिग की शिकार हुई हैं। इसमें से सबसे अधिक 860 मामले केवल अहमदाबाद में ही दर्ज हुए हैं।

मॉनिटरिंग कमेटी गठित

महिलाओं-बच्चों पर अत्याचार के अपराधों की समीक्षा के लिए सरकार ने मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी द्वारा महीने में दो बार नाबालिग पर दुष्कर्म की घटनाओं की समीक्षा की जा रही है। इसमें तात्कालिक एफआईआर, तुरंत जांच करने, समय पर चार्जशीट पेश करने और आवश्यक हुआ तो फास्टट्रैक कोर्ट की रचना करने समेत कई प्रस्ताव रखे गए।

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