समस्या:सरकार ने पुरानी रेट पर बढ़ाया टेंडर, सोलर कारोबारी संकट में

सूरत18 दिन पहले
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शहर में सोलर कारोबार से जुड़े 625 प्लेयर इन दिनों इस कदर संकट में हैं कि अगर सरकार से मदद नहीं मिली तो उन्हें अपना कारोबार बदलना पड़ सकता है। एक तरफ सरकार ने सोलर पर जीएसटी ड्यूटी 5 से बढ़ाकर 12 फीसदी कर दी गई है। दूसरी ओर सोलर पैनल, इन्वर्टर के 20 से 25 फीसदी और स्टील के 50 से 60 फीसदी दाम बढ़ गए हैं। राज्य सरकार ने पुरानी रेट पर ही टेंडर को आगे बढ़ाया है। ऐसे में साउथ गुजरात सोलर एसोसिएशन का कहना है कि ऐसी स्थिति में कारोबार करना असंभव जैसा है।

एसजीएसए के अध्यक्ष मेहुल पटेल ने बताया कि सरकार की स्मॉल स्केल डिस्ट्रीब्यूटेड सोलर प्रोजेक्ट की योजना में काफी लोग फंस गए हैं और करोड़ों का निवेश हो चुका है। इस प्रोजेक्ट को एमएसएमई के तहत सब्सिडी देने से भी इंकार कर दिया गया।

शहर में मुश्किल से 9 % मकानों पर सोलर पैनल लगे हैं। इस योजना में 40 % सब्सिडी दी जाती है। लेकिन सब्सिडी ग्राहक की बजाए सोलर कारोबारी के खाते में दी जाती है। जिससे 100 फीसदी खर्च करना रहता है और निवेश बढ़ जाता है। केपिटल सब्सिडी 20 से 25 और इंटरेस्ट सब्सिडी 7 फीसदी दी जाती है। जो समय पर नही मिलती। प्रति कारोबारी को 12 लाख रुपए एएमडी सरकार में रखनी पड़ती है।

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