गुजरात के पूर्व गृहमंत्री विपुल चौधरी हिरासत में:दूधसागर डेयरी के अध्यक्ष पद पर रहने के दौरान करीब 800 करोड़ का घोटाला किया

अहमदाबाद3 महीने पहले
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विपुल चौधरी 1996 में शंकर सिंह वाघेला सरकार में गृह मंत्री रह चुके हैं। - Dainik Bhaskar
विपुल चौधरी 1996 में शंकर सिंह वाघेला सरकार में गृह मंत्री रह चुके हैं।

गुजरात के पूर्व मंत्री और मेहसाणा जिला सहकारी उत्पादक संघ लिमिटेड (दूधसागर डेयरी) के पूर्व अध्यक्ष विपुल चौधरी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को उनके गांधीनगर स्थित आवास से गिरफ्तार किया है। आरोप हैं कि उन्होंने दूधसागर डेयरी के साथ कारोबार करने वाली एक एजेंसी के नाम पर लगभग 500 करोड़ रुपए का गलत तरीके से लेनदेन किया।

800 करोड़ से ज्यादा के घोटाले किए: एसीबी
एसीबी के संयुक्त निदेशक मकरंद चौहान ने बताया कि दूधसागर डेयरी में विपुल चौधरी का कार्यकाल 2005 से 2016 तक रहा। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग तरीकों से करीब 800 करोड़ रुपए के घोटाले किए। जांच में पता चला है कि शासन के दिशा-निर्देशों व टेंडर की शर्तों का उल्लंघन करते हुए उन्होंने 485 करोड़ रुपए के मिल्क कूलर खरीदे। इसमें भी कई करोड़ों रुपयों का घोटाला किया। इसके अलावा उन्होंने बारदाना खरीदने में भी 13 लाख रुपए का गबन किया था।

गबन की रकम जमा करने के लिए 31 कंपनियां बनाईं
एसीबी की जांच में यह बात भी सामने आई है कि घोटाले से जुटाई गई राशि जमा करने के लिए विपुल चौधरी ने 31 फर्जी कंपनियों का गठन किया था। इन 31 कंपनियों को जाली दस्तावेजों के आधार पर पंजीकृत किया गया था। उनकी पत्नी और बेटा भी कई कंपनियों में निदेशक थे। इस तरह कंपनियों के नाम पर दी जाने वाली राशि सीधे तौर पर उनकी पत्नी, बेटे के अकाउंट में जमा हो जाती थी। फिलहाल इन फर्जी कंपिनयों को लेकर जांच जारी है।

इससे पहले 2020 में किया गया था अरेस्ट
इससे पहले चौधरी को गुजरात अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने उन 14.8 करोड़ रुपये का गबन करने के आरोप में 2020 में गिरफ्तार किया था। जिसका इस्तेमाल दूधसागर डेयरी के कर्मियों को बोनस देने के लिए किया जाना था. चौधरी को पशु चारा खरीद में कथित भ्रष्टाचार के आरोप में जीसीएमएमएफ और दूधसागर डेयरी से बर्खास्त कर दिया गया था।

बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है
चौधरी गुजरात में सहकारिता क्षेत्र के एक जाने माने चेहरे हैं। उत्तर गुजरात में कम से कम एक दर्जन विधानसभा सीटों पर उनका प्रभाव है। इससे पहले वे 1996 में शंकर सिंह वाघेला सरकार में गृह मंत्री रह चुके हैं। पिछले कुछ समय से विपुल चौधरी उत्तर गुजरात में चौधरी समाज को संगठित कर रहे थे। हाल ही में उन्होंने भाजपा से टिकट मिलने पर विधानसभा चुनाव लड़ने की भी इच्छा जताई थी।