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गुजरात:कैबिनेट की बैठक में फैसला, नवरात्रि में पैकेट में प्रसाद वितरण की छूट, राज्यमंत्री ने कहा - मंदिर बंद रखने का फैसला सरकार का नहीं

गुजरात8 महीने पहले
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फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो।
  • पिछले हफ्ते नवरात्रि के लिए जारी गाइडलाइन में गुजरात सरकार ने विवाद के बाद थोड़ा सा बदलाव कर दिया है
  • गृह राज्यमंत्री ने कहा - कोरोना के मामलों के चलते मंदिर बंद रखने का फैसला खुद ट्रस्टों द्वारा लिया जा रहा है

पिछले हफ्ते नवरात्रि के लिए जारी गाइडलाइन में गुजरात सरकार ने विवाद के बाद थोड़ा सा बदलाव कर दिया है। बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में प्रसाद वितरण पर रोक से प्रतिबंध हटाने का फैसला लिया गया है। हालांकि, प्रसाद वितरण की शर्त यही रहेगी की वह पैकेट में होना चाहिए। इसके अलावा राज्यमंत्री ने सरकार का बचाव करते हुए कहा का मंदिर बंद रखने का फैसला राज्य सरकार का नहीं है। यह फैसला मंदिर ट्रस्टों द्वारा लिया गया है।

7 जून से सभी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुले हैं
गृह राज्यमंत्री ने कहा कि 7 जून से राज्य के सभी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। इसके बाद से अब तक किसी भी मंदिर को बंद रखने का आदेश सरकार द्वारा जारी नहीं किया गया है। कोरोना के मामलों के चलते यह फैसला खुद मंदिर ट्रस्टों द्वारा लिया जा रहा है। क्योंकि, नवरात्र पर मंदिर में श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ होती है कि ट्रस्ट प्रशासन उसे नियंत्रित नहीं कर सकता।

प्रसाद के पैकेट तैयार कर टेबल पर रखें
नवरात्रि पर प्रसाद वितरण के लिए जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि प्रसाद पैकेट में रखकर टेबल पर रखें, जिससे उसे बांटने की जरूरत न पड़े। इसके लिए श्रद्धालुओं से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाना होगा। अगर हालात के मद्देनजर प्रसाद वितरण की नौबत आती भी तो वितरण करने वाले को ग्ल्वज पहनने होंगे। प्रसाद पैक करने वाले व्यक्ति को हाथ सैनिटाइज कर ही प्रसाद पैक करना होगा।

कल ही हुआ था पावागढ़ मंदिर बंद रखने का ऐलान
मंगलवार को हुई मंदिर ट्रस्ट और पंचमहाल जिला प्रशासन की संयुक्त बैठक में यह फैसला किया गया कि आगामी 16 अक्टूबर से 1 नवंबर तक मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद रखा जाए, क्योंकि महाकाली के दर्शन के लिए नवरात्र पर यहां प्रतिदिन 1 लाख से ज्यादा लोग पहुंचते हैं। इसके बाद से ही राज्य सरकार श्रद्धालुओं के निशाने पर है।

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