कोरोना का कहर:एक दिन में शहर के 10 डाॅक्टर संक्रमित मनपा के सैनेटरी सब इंस्पेक्टर की मौत

सूरतएक वर्ष पहले
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  • डायमंड वर्कर के बाद कोरोना वाॅरियर्स सबसे ज्यादा शिकार, 245 नए केस

अनलाॅक में कोरोना का संक्रमण डायमंड वर्कर के बाद सबसे ज्यादा कोरोना वाॅरियर्स को ही लग रहा है। रोज डाॅक्टर, नर्स और हेल्थ वर्कर संक्रमित हो रहे हैं। जुलाई के सात दिनों में ही शहर के 40 से ज्यादा सरकारी व निजी डाॅक्टर संक्रमित हो चुके हैं। संक्रमित हेल्थ वर्कर का आंकड़ा तो 200 के पार पहुंच गया है। सबसे बड़ी चिंता की बात है कि सिवल और स्मीमेर अस्पताल के डॉक्टर और नर्स पॉजिटिव हो रहे हैं। इन दोनों अस्पतालों में कोरोना के मरीजों का इलाज चल रहा है।

मंगलवार को भी शहर के 10 डॉक्टर कोरोना की चपेट में आए। इनमें सिविल अस्पताल के 7 और स्मीमेर अस्पताल का एक डॉक्टर है। इसके अलावा 2 प्राईवेट डॉक्टर भी संक्रमित हुए हैं। वहीं मंगलवार को 16 डायमंड वर्कर भी पॉजिटिव पाए गए। मंगलवार को महानगर पालिका के सैनेटरी सब इंस्पेक्टर सहित कोरोना के 11 मरीजों की मौत हुई। इनमें शहर के 9 और ग्रामीण के दो मरीज हैं। अब कोरोना से हुई मौतों का आंकड़ा 270 तक पहुंच चुका है। इनमें 31 मौत ग्रामीण के हैं।

50 वर्ष से ज्यादा के 10 की मौत 
कतारगाम निवासी 50 वर्षीय अधेड़, एके रोड निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग, पालनपुर निवासी 77 वर्षीय बुजुर्ग, सगरामपुरा निवासी 74 वर्षीय बुजुर्ग, कतारगाम निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग, जीवन ज्योति निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग, नारायण नगर निवासी 64 वर्षीय बुजुर्ग, वेडरोड निवासी 64 वर्षीय बुजुर्ग, कामरेज निवासी 63 वर्षीय बुजुर्ग और एक 55 वर्षीय अधेड़ की इलाज के दौरान मौत हो गई।

148 मरीज अस्पतालों से डिस्चार्ज, 11 की मौत 
मंगलवार को सूरत में कोरोना के 245 नए मरीज मिले। इनमें शहर के 204 और ग्रामीण के 41 मरीज शामिल हैं। हालांकि पिछले तीन दिन से नए मरीजों की संख्या घट रही है, लेकिन अनलॉक में रोज 220 से ज्यादा मरीज आए। इसकी वजह से कुल पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 7 हजार के पार पहुंच गया है। अब तक सूरत में कोरोनावायरस के 7001 केस आ चुके हैं। इनमें 903 ग्रामीण क्षेत्रों के हैं। मंगलवार को कोरोना के 148 मरीज डिस्चार्ज होकर अपने घर गए। इनमें शहर के 139 और ग्रामीण क्षेत्रों के 9 मरीज हैं। अब तक 4209 मरीज ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। इनमें 435 मरीज ग्रामीण के हैं।

पॉजिटिव: मनपा का इंजीनियर, नर्स, रियल एस्टेट ब्रोकर कोरोना की चपेट में
सेंट्रल जोन में कपड़ा वाला, सिविल अस्पताल का डॉक्टर, ट्राइस्टार की नर्स, ईस्ट जोन ए में स्मीमेर अस्पताल का डॉक्टर, पूणा पुलिस स्टेशन का प्यून, कर्मचारी, प्राइवेट अस्पताल के 2 डॉक्टर, रियल एस्टेट ब्रोकर, शोरूम में काम करने वाला, ईस्ट जोन बी में डेयरी शॉप वाला और कामरेज के विधायक, नाॅर्थ जोन में मनपा का फाॅर्मासिस्ट, वेस्ट जोन में सिविल अस्पताल का काउंसलर, मनपा का इंजीनियर, सीए ऑफिस में काम करने वाला, पुलिस कमिश्नर ऑफिस में काम करने वाला, एसएमसी का इलेक्ट्रीशियन, साउथ ईस्ट जोन में कृष्णा अस्पताल की नर्स, सरदार मार्केट के 2 वेजिटेबल वेंडर, प्लाॅस्टिक बिजनेसमैन, साउथ वेस्ट जोन में सिविल अस्पताल की नर्स, सिविल अस्पताल के 5 डॉक्टर, निसर्ग अस्पताल का कर्मचारी, मनपा लेप्रोसी डिपार्टमेंट में एसएसआई और 16 डायमंड वर्कर संक्रमित पाए गए।

सबसे शांत अठवा जोन में बढ़े केस, 7 दिनों में 141 मरीज आ गए
शहर के पॉश क्षेत्र माने जाने वाले अठवा जोन में तेजी से केस बढ़ रहे हैं। 30 जून तक यहां 259 केस थे, लेकिन 1 जुलाई से यहां रोजाना मामले बढ़ने लगे और इन 7 दिनों में 141 केस आए। अब यहां 401 केस हो चुके हैं। भले ही यहां शहर का पहला कोरोना का केस आया था, लेकिन यह जोन अन्य जोन की अपेक्षा काफी सेफ था। पिछले कुछ दिनों के आंकड़े देखकर ऐसा लगता है कि यह भी लिंबायत और कतारगाम जोन की राह पर चल पड़ा है।

मनपा के सैनेटरी सब इंस्पेक्टर को संक्रमण कैसे लगा पता नहीं
मनपा के स्वास्थ्य विभाग उधना में रक्तदान केंद्र के पास स्थित मनपा के ऑफिस में सैनेटरी सब इंस्पेक्टर की पोस्ट पर तैनात 47 वर्षीय गिरीश भाई भादरका की स्मीमेर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वह हफ्ते में हर शुक्रवार को स्मीमेर अस्पताल में ड्यूटी करते थे। रविवार को सांस की समस्या के साथ उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। मंगलवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की बीमारी थी। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें संक्रमण कहां से लगा पता नहीं चल पाया है।

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