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  • In Private Hospitals In Gujarat, 11,369 Doses Worth Rs 1 Crore Were Sold In Two Days, With A Service Charge Of Rs 930 A Dose. Feel Of

सरकारी वैक्सीनेशन बंद!:गुजरात के निजी अस्पतालों में दो दिन में एक करोड़ रुपए के 11,369 डोज बिके, सर्विस चार्ज के साथ एक डोज 930 रु. का लग रहा

राजकोट2 महीने पहले
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प्रतिदिन 20 हजार का टार्गेट है लेकिन सिर्फ 4 से 5 हजार लोगों को ही टीका नसीब हो रहा है। - Dainik Bhaskar
प्रतिदिन 20 हजार का टार्गेट है लेकिन सिर्फ 4 से 5 हजार लोगों को ही टीका नसीब हो रहा है।

राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को ममता दिन का बहाना निकालकर टीकाकरण बंद करने का निर्णय लिया था। इस दिन एक भी जिला अथवा महानगरपालिका को स्टॉक नहीं मिला और अचानक दूसरे दो दिन तक यानी कि गुरुवार और शूक्रवार को भी टीकाकरण बंद रहेगा ऐसी घोषणा कर दी गई। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में वैक्सीनेशन बंद हो गई, लेकिन निजी अस्पतालों में चल रहे केंद्र बंद नहीं हुए और दो दिनों में ही 11369 डोज बिक गए, जिसमें बुधवार को 6452 और गुरुवार की शाम तक 4917 डोज बिके।

गुरुवार और शूक्रवार को भी टीकाकरण बंद रहने की अचानक ही घोषणा कर दी गई थी।
गुरुवार और शूक्रवार को भी टीकाकरण बंद रहने की अचानक ही घोषणा कर दी गई थी।

हरेक निजी सेंटर पर वैक्सीन की कीमत कोवीशील्ड के 780 और इसमें 150 सर्विस चार्ज के साथ 930 रुपए होती है। इस तरह दोनों चार्ज मिलाकर दो दिन में निजी अस्पतालों में वैक्सीन के लिए लोगों ने 1.05 करोड़ रुपए चुकाए है। अहमदाबाद में सर्वाधिक 2824 डोज बिके है। शुक्रवार को वैक्सीनेशन बंद था।

वैक्सीन की अव्यवस्था
कोरोना की तीसरी लहर रोकने के लिए टीकाकरण अनिवार्य है और यह वैश्विक स्तर पर स्वीकृत भी हुआ है। राज्यभर में टीकाकरण लेने के लिए नेतागण और अधिकारी प्रचार-प्रसार कर रहे है अब जबकि लोग वैक्सीन लेने लगे है तो सरकार की अव्यवस्था सामने आने लगी है। शहर में प्रतिदिन 20 हजार लोगों को टीका लगाने का टार्गेट है लेकिन इसकी तुलना में सिर्फ 4 से 5 हजार लोगों को ही टीका नसीब हो रहा है। इसमें भी तीन दिनों तक वैक्सीनेशन बंद रहने पर यह टार्गेट भी टांय-टांय फिस्स हो गया है।

दूसरी लहर से शुरू हुई कतार अब भी खत्म होने का नाम नहीं ले रही

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान लोगों की जिंदगी अस्पतालों में ऑक्सीजन के लिए, दवाईयों के लिए वेटिंग में और परिजनों की मौत होने पर श्मशान में शव स लेकर अस्थि विसर्जन तक की कतार में व्यतीत हुई। लेकिन लोगों की यह कतार अभी तक खत्म नहीं हुई। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बचने के लिए राजकोट की जनता अब वैक्सीन लेने सेंटरों पर पहुंच रही है लेकिन यहां पर प्रशासन की अव्यवस्था सामने आने के बाद लोगों को वैक्सीन लिए बगैर ही वापस लौटना पड़ रहा है।

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