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  • In The Academic Council Meeting, There Will Be A Rule To Change The Syllabus Of BA History And To Check The Degree Of The Students Of The Second Board Before Admission.

यूनिवर्सिटी में छात्र हित में लेंगे निर्णय:एकेडमिक काउंसिल की बैठक में बीए इतिहास का सिलेबस बदलने व प्रवेश से पहले दूसरे बोर्ड के छात्रों की डिग्री जांचने का नियम बनेगा

सूरत9 महीने पहले
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वीर नर्मद दक्षिण गुजरात यूनिवसिर्टी - Dainik Bhaskar
वीर नर्मद दक्षिण गुजरात यूनिवसिर्टी
  • 9 मार्च को बैठक कर छात्रों से जुड़े 33 मुद्दों पर चर्चा के बाद लिया जाएगा फैसला

वीर नर्मद दक्षिण गुजरात यूनिवसिर्टी में 9 मार्च काे एकेडमिक काउंसिल की बैठक बुलाई गई है। इसमें सभी छात्राें के कई अहम मुद्दाें पर निर्णय लिए जाएंगे। वहीं यूनिवसिर्टी के इतिहास में पहली बार दूसरे बाेर्ड के छात्राें की डिग्री और दूसरी यूनिवसिर्टी के डिग्री जांचने का निर्णय भी होगा। दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में फर्जी डिग्री के आधार पर यूनिवसिर्टी में प्रवेश का मामला उठाया था।

जिसके बाद प्रदेश के शिक्षा मंत्री भूपेंद्र सिंह चूड़ासमा ने राज्य के सभी यूनिवसिर्टी का जांच कर प्रवेश के पहले सभी डिग्री के जांच करने के आदेश दिए थे। बैठक में कुल 33 मुद्दों पर चर्चा की जाएगी, जिसमे कई प्रोफेसरों को पीचएडी की गाइडशिप देने के लिए मान्यता का प्रस्ताव निर्णय लिए जाएंगे।

बीए के इतिहास के सिलेबस में किया जाएगा बदलाव
एकेडमिक काउंसिल की बैठक में बीए स्ट्रीम में इतिहास विषय में सिलेबस और परीक्षा के पैटर्न में बदलाव किया जाएगा। जिसमे सेमेस्टर 1-2-3-4 में शामिल है। इतिहास विषय के पुराने चैप्टर को बदला जाएगा, इसमें कई अलग अलग बदलाव भी आर्ट्स में किए जाएगें। इसके अलावा होम साइंस विषय में भी बदलाव किया जाना है।

एमएसडब्ल्यू के लिए यूनिवर्सिटी चिंतित | एमएसडब्ल्यू विभाग को लेकर यूनिवर्सिटी चिंतित है इसलिए तय किया गया है कि अब विभाग में छात्रों की संख्या बढ़ाया जाए। विभाग में 63 की इंटेक होने पर भी हर वर्ष इतने छात्र भी नहीं आ पाते थे, जांच में पता चला कि अंग्रेजी की परीक्षा और प्रोजेक्ट की वजह से छात्र इससे दूरी बनाते हैं। इसलिए अब तय किया गया है कि एमएसडब्ल्यू में गुजराती में भी परीक्षा और प्रोजेक्ट का काम किया जाए।

स्मीमेर में कई सर्टिफिकेट कोर्स शुरू होंगे
स्मीमेर सरकारी कॉलेज की तरफ से मांग की गई थी कि 1 और 2 वर्ष वाले रेडियो इमेजिंग टेक्नीशियन सर्टिफिकेट कोर्स को शुरू किया जाएगा। जिसकी फीस 1.5 लाख रुपए होगी और छात्रों को इसके साथ ट्रेनिंग के स्टाइपेंड भी चुकाए जाएंगे।

रिजल्ट की जांच पर लेंगे फैसला | भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन के आधार पर एकेडमिक काउंसिल में मुद्दे को रखा गया है। इसमें कहा गया है कि दूसरे बोर्ड और यूनिवर्सिटी केे छात्रों की डिग्री और रिजल्ट की जांच अनिवार्य है। लेकिन यूनिवसिर्टी में ऐसी काेई व्यवस्था नहीं है। इसलिए प्रवेश के पहले रिजल्ट को कैसे जांचा जाए इस पर निणर्य लिया जाएगा।

सिंडीकेट के मुद्दे भी रखेंगे | बैठक में कई ऐसे मुद्दे रखे हैं जो पहले सिंडीकेट में पास कराए जा चुके हैं। नियम यह है कि कोई भी मुद्दा पहले एकेडमिक में जाता है फिर सिंडीकेट फाइनल करती है। लेकिन 6 बार परीक्षा देने की लिमिट पूरा कर चुके छात्रों को 1 मौक़ा और देने के मामले को पहले सिंडीकेट से पास करवा लिया गया और बाद में एकेडमिक में अब रखा गया है।

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